कोसीकलां। मूंग की बंपर पैदावार का किसानों को फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार ने मूंग की फसल की खरीदारी शुरू नहीं की है। इस कारण फसल को आढ़तिया कम दामों पर खरीद रहे हैं। किसानों को 1500 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल घाटे से अपनी फसल को बेचना पड़ रहा है।
सरकार ने मूंग की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7196 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि अनाज मंडी में 5000 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है। केंद्र और प्रदेश सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों को खरीदने का दावा खोखला साबित हो रहा है।
मंडियों में मूंग फसल की सरकारी खरीद नहीं जा रही है। इस बार मूंग की अच्छी फसल होने से किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद थी, परंतु एमएसपी पर फसल न बिकने से उन्हें घाटा हो रहा है। एमएसपी पर खरीद न होने से किसानों को एक क्विंटल पर 1500 से 2000 रुपये का घाटा हो रहा है।
मंडी में मूंग का रेट 5200 रुपये लगा रहे हैं, जबकि सरकारी रेट 7200 रुपये है। फसल अच्छी होने से रेट कम मिलने से कोई फायदा नहीं हैं। - परमानंद, किसान
सरकार एमएसपी पर खरीद करने का दावा करती है। दूसरी ओर मंडियों में सरकारी खरीद केंद्र ही नहीं बनाए हैं।
- हरिशंकर, किसान
किसान इतनी मेहनत से फसल करता है, परंतु सही दाम न मिलने से हर बार निराशा ही हाथ लगती है। मंडी में मूंग के औने-पौने दाम मिलने मन आहत है।- पुष्पेंद्र, किसान
मूंग का समर्थन मूल्य भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में सरकार से उम्मीद करना बेकार है, यही हाल धान की फसल रहा। - सुरेंद्र- किसान
अनाज मंडी में मूंग की फसल की फसल खरीद की खरीद निजी एजेंसियों द्वारा खरीद की जा रही है। अभी मंडी में और फसल आने की उम्मीद है।
उमेश चौधरी- प्रभारी सचिव मंडी समिति कोसीकलां