चमेली फर्श पर पर्यटकों के बीच घूमते बंदर
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ताजमहल में बंदरों का उत्पात थम नहीं रहा। गुरुवार को हैदराबाद से अपने मां-पिता के साथ ताजमहल देखने आई बच्ची को चमेली फर्श पर बंदरों ने घेर लिया और काटने का प्रयास किया। पिता ने हिम्मत दिखाकर बंदरों को भगा दिया। इस घटना से बच्ची खौफ में आ गई और देर तक रोती रही। ताज देखने की उसकी ख्वाहिश एक बुरा सपना बन गई।
बच्ची के पिता जहांगीर ने बताया कि ताजमहल देखकर वह अपने परिवार के साथ फोटोग्राफी करा रहे थे कि मेहमानखाने की ओर से बंदरों का झुंड बच्ची पर हमला करने आ गया। जैसे-तैसे बंदरों से बच्ची को बचाया। यहां बंदरों का आतंक ज्यादा है। लगता ही नहीं कि ताजमहल को देखने आए हैं। बंदरों के कारण उनका टूर पूरी तरह से बेकार हो गया। बच्ची के घबरा जाने के कारण परिवार के लोग ताज के गुंबद पर जाए बिना ही चले गए।
शहर में भी हैं बंदरों का आतंक
ताजमहल में ही नहीं शहर में भी बंदर उत्पात मचाते हैं। 30 सितंबर को उत्पाती बंदर डीएम नवनीत सिंह चहल की एस्कॉर्ट जीप में घुस गए थे। जीप के अंदर बंदरों ने जमकर उत्पात मचाया। गाड़ी के अंदर रखे सामान को तहस-नहस कर दिया। डीएम की एस्कॉर्ट जीप में बैठे बंदरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। ताजमहल में सितंबर माह में बंदरों के हमले की कई घटनाएं हुईं।