मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वनकर्मी
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वृंदावन के गोविंद बाग क्षेत्र में लगातार हो रही बंदरों की मौत पर जहां क्षेत्र में हल्ला मचा हुआ है, वहीं पुलिस और बंदरों का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक रिपोर्ट और विसरा की जांच को लेकर मामला एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है जबकि चिकित्सक भी मुकदमा दर्ज न होने तक विसरा को आगरा भेजने के मूड में नहीं दिख रहे। यही कारण है कि अब तक जिन बंदरों का पोस्टमार्टम हुआ है, उनका विसरा अभी भी पशु चिकित्सालय में रखा गया है। जबकि क्षेत्र में हर रोज एक-दो बंदर मरे पाए जा रहे हैं।
शुक्रवार सुबह वार्ड नंबर 65 के प्रताप बाजार स्थित शाहजहांपुर मंदिर के पास ई-रिक्शे में एक बंदर का शव पाया गया, स्थानीय पार्षद रसिकबल्लभ नागार्च की सूचना पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बंदर के शव को कब्जे में लिया।
स्थानीय लोगों की मानें तो बंदर ई-रिक्शा में फंसा हुआ था। वन विभाग की टीम ने मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों को सौंपा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदर की मौत दम घुटना बताया गया है। वहीं, दूसरी जगह मृत मिले बंदर को सफाई कर्मियों ने कूड़े में फेंक दिया।