आगरा के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले 14598 लोगों की निगरानी प्रशासन ठीक से नहीं कर पाया है। इसी का नतीजा है कि यहां से लगातार केस आ रहे हैं। अब इन लोगों पर नजर रखने के लिए समितियां गठित की गई हैं। हॉटस्पॉट को सील किया गया है। यहां लोगों को घर से निकलने की इजाजत नहीं है।
जरूरी सामान घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है लेकिन वजीरपुरा, मंटोला, खटीकपाड़ा सहित कई क्षेत्रों से ऐसी रिपोर्ट आई है कि सब्जी, फल और दूध वाले घर-घर नहीं पहुंच रहे। इस कारण लोग न केवल घर से बाहर आ रहे हैं बल्कि कई जगह तो आसपास के क्षेत्रों में जा रहे हैं।
लगातार मिल रहे मरीज
इन इलाकों से ही लगातार नए मरीज आ रहे हैं। प्रशासन ने हॉटस्पॉट के बाहर पुलिस को तैनात किया। अंदर नजर रखने के लिए इंतजाम नहीं किए गए। शुरू में पुलिस ने ड्रोन से नजर रखी, लेकिन व्यवस्था दो चार दिन ही चल पाई।
अब अलग से समितियां बनानी पड़ रही हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि शहर में हॉटस्पॉट में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग के अलावा संदिग्धों की निगरानी के लिए अलग से समितियां बनाई हैं। इनमें कोई लक्षण दिखने पर हॉटस्पॉट में ही मोबाइल लैब से इनकी सैंपलिंग कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि ग्रीन जोन हुए 11 हॉटस्पॉट क्षेत्र में 1700 से अधिक परिवार क्वारंटीन से बाहर आए हैं, लेकिन इन्हें अभी 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा।
ग्राम पंचायतों में भी बनेंगी समितियां
डीएम ने बताया कि आगरा के जिन मजदूर व ग्रामीणों को गैर राज्यों से लाया जा रहा है उनकी निगरानी ग्राम पंचायत स्तर पर होगी। ग्राम प्रधान व सचिव की टीमें ऐसे लोगों पर नजर रखेंगी। इनमें कोई लक्षण प्रतीत होने पर उनकी जांच व उपचार के लिए कंट्रोल रूम को सूचित करेंगी।