आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मंगलवार तक संक्रमितों की संख्या 630 हो गई है। रोज नए संक्रमित बढ़ रहे हैं। संक्रमण नहीं रुक पाने की वजह लगातार नई चेन का बनना माना जा रहा है। प्रशासन ने भी इन चेन पर काम किया है। दिक्कत यह आ रही है कि एक चेन बंद होने से पहले ही दूसरी शुरू हो जाती है।
1. इटली से आया वायरस, विदेश से आए लोगों से फैला
ताजनगरी में कोरोना वायरस इटली से आया। तीन मार्च को जूता कारोबारी के परिवार के पांच लोग संक्रमित मिले। यह प्रदेश का पहला मामला था। ये लोग इटली से लौटे थे। इनसे संपर्क के दो और लोग संक्रमित हुए। इसके बाद संक्रमण उन लोगों से ही फैला जो विदेश से आए। अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, चीन से लौटे लोगों में वायरस मिला।
2. जमातियों से मिली संक्रमण को रफ्तार, 100 से ज्यादा हुए मरीज
ताजनगरी में पहले 100 मरीजों में 80 फीसदी से ज्यादा जमाती और उनके संपर्क के रहे। यह संक्रमण अप्रैल के शुरू में फैला। जमाती 13 मस्जिदों में ठहरे थे। 10 बस्तियों में गए थे। पुलिस ने 147 जमाती चिह्नित किए गए। इनसे कुल संक्रमित 104 हुए। सीकरी, खंदौली में भी जमाती मिले। यहां इनसे संक्रमण भी पहुंचा।
3. श्रीपारस हॉस्पिटल से 100 संक्रमित हुए, अब तक मिल रहे मरीज
श्रीपारस हॉस्पिटल में संक्रमित मरीज का उपचार हुआ। हॉस्पिटल संचालक ने प्रशासन को सही जानकारी नहीं दी। नतीजा यह हुआ कि यह हॉस्पिटल संक्रमण का गढ़ बन गया। 100 मरीज इसी से निकले। कोई उपचार कराने से तो कोई मरीज के साथ आने से। आगरा ही नहीं, आसपास के दस और जिलों में यहां से संक्रमण फैला। यह चेन अब तक बंद नहीं हुई है। रविवार को भी यहां के स्टाफ के सदस्य संक्रमित पाए गए हैं। श्रीपारस के अलावा एसआर हॉस्पिटल समेत अन्य 10 अस्पातलों में संक्रमण फैला। एसएन के डॉक्टर और स्टाफ भी इसकी चपेट में आए।
4. सब्जीवालों में पहुंचा संक्रमण, अब तक 30 मिल चुके
प्रशासन केसामने सबसे बड़ी चुनौती सब्जीवालों के संक्रमित होने से आई। इनकी कांटेक्ट हिस्ट्री (संपर्क इतिहास) तलाशना चुनौती बनी हुई है। इनके संपर्क में कौन-कौन लोग आए, यह पता करना भी मुश्किल हो रहा है। सब्जीवालों के अलावा दूध विक्रेता, ऑटोवाले, रिक्शा वाले भी संक्रमित मिल रहे हैं।
5. खाकी में पहुंचा वायरस, अब तक चार चपेट में
वायरस से लड़ रही खाकी भी संक्रमण की चपेट में आ गई। पुलिस लाइन के दो रसोइए संक्रमित मिले। इसके बाद होमगार्ड, फिर एक सिपाही सिकंदरा और एक छत्ता का। इस तरह चेन बनती चली जा रही है। सोमवार को दो और सिपाही संक्रमित मिले। इसे रोकने की कोशिश स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस के अफसर भी कर रहे हैं। पुलिसवालों को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर के साथ बचाव का प्रशिक्षण भी दिया गया है।