आगरा। तय समय से तीन दिन बाद आगरा विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनाई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उपाध्यक्ष को सोमवार देर शाम सौंप दी। वित्त नियंत्रक पर एडीए की महिला कर्मचारी के यौन शोषण, छेड़छाड़ का आरोप है। एडीए उपाध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कहा कि बंद लिफाफे में गोपनीय जांच रिपोर्ट दी गई है। अभी इसका अध्ययन नहीं किया है। अध्ययन के बाद मंगलवार को शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बीते सप्ताह एडीए की महिला कर्मचारी ने वित्त नियंत्रक सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी पर यौन शोषण का आरोप लगाकर हंगामा किया था। कर्मचारी ने मामले में थाना लोहामंडी में वित्त नियंत्रक के खिलाफ तहरीर दी है। मामले में शिकायत पर एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने विशाखा गाइड लाइन के तहत सचिव राजेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच रिपोर्ट दो दिन के अंदर मांगी थी, लेकिन कमेटी के सदस्यों के बीच मतभेद होने के कारण यह रिपोर्ट सोमवार देर शाम दाखिल की जा सकी। जांच समिति के सदस्यों ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।
एडीए उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि जांच रिपोर्ट देर शाम मिली है। शाम को बैठकें होने के कारण व्यस्त रहा, इसलिए अध्ययन नहीं कर पाया। अध्ययन के बाद ही शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि शासन के निर्देश पर प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी गई थी। महिला आयोग को भी पूरे घटनाक्त्रस्म की रिपोर्ट भेज दी है। अब जांच समिति की रिपोर्ट शासन को और महिला आयोग को भेजी जाएगी।