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UP News: आगरा में प्लास्टिक फ्री मुहिम का मखौल, पॉलिथीन रुकी न थर्माकोल

Sun, 28 Jul 2024 10:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा

सार

आगरा में प्लास्टिक फ्री मुहिम का मखौल उड़ाया जा रहा है।  ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में 6 साल से पॉलिथीन, सिंगल यूज प्लास्टिक, थर्माकोल बिक्री पर प्रतिबंध बेअसर है। 
 
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पॉलिथीन पर सख्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र (टीटीजेड) में प्लास्टिक फ्री मुहिम का मखौल उड़ रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्माकोल पर 6 साल से प्रतिबंध है, फिर भी रोक बेअसर है। नगर निगम ही नहीं, नगर पंचायतें व नगर पालिकाएं भी इस ‘जहर’ की रोकथाम में लापरवाह बनी हैं।
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टीटीजेड का दायरा 60 वर्ग किमी है। जिसमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, जलेसर और भरतपुर तक क्षेत्र शामिल हैं। इन जिलों में सिंगल यूज प्लास्टिक, थर्माकोल व पॉलिथीन की बिक्री और भंडारण पर रोक सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है। सब्जी मंडी से लेकर किराना व अन्य दुकानों पर धड़ल्ले से पॉलिथीन में सामान बेचा जा रहा है। आरोप है कि नगर निगम के दस्ते केवल पॉलिथीन जब्तीकरण के नाम पर खानापूर्ति तक सीमित हैं। टीटीजेड की चेयरमैन एवं मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने इस पर कड़ाई से लगाम लगाने के लिए कहते हुए अफसरों को फटकार भी लगाई थी। इसके बाद भी धरातल पर असर नहीं दिख रहा।

 

पॉलिथीन पकड़ने के नाम पर फर्जीवाड़ा
नगर निगम के उपसभापति रवि माथुर ने आरोप लगाया कि शहर में पॉलिथीन पकड़ने के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। सदन में जांच की मांग उठाई थी। नगर आयुक्त ने जांच कमेटी तक नहीं बनाई। जब्त की गई पॉलिथीन को निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से बाजार में दोबारा बेच दिया जाता है। अधिकारियों की मिलीभगत से ‘खेल’ चल रहा है।

 

आगरा में नहीं टूट रही सप्लाई चेन
जन प्रहरी संस्था के प्रबंधक नरोत्तम सिंह का कहना है कि पॉलिथीन, थर्माकोल व सिंगल यूज प्लास्टिक की सप्लाई चेन नहीं टूट रही। गुजरात से ट्रांसपोर्ट के जरिये रोज हजारों क्विंटल पॉलिथीन कैरीबैग शहर में बिक रहे हैं। प्लास्टिक कारोबारी फुटकर में बेच रहे हैं। जीएसटी विभाग की सांठगांठ से पॉलिथीन शहर में ट्रांसपोर्ट हो रही है। प्रतिबंध के बाद कमाई बढ़ गई है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।

 

कैंसर से लेकर गर्भस्थ शिशु को खतरा
रसायन विज्ञानियों के अनुसार पॉलिथीन कप या गिलास में चाय या कोई भी गर्म पदार्थ जहर बन जाता है। पॉलिथीन बनाने में जिन रसायनों का इस्तेमाल होता है उनसे कैंसर, त्वचा व सांस रोग हो सकते हैंं। गर्भवतियों को सचेत रहना चाहिए। गर्भस्थ शिशु के विकास पर दुष्प्रभाव पड़ता है। गोवंश व अन्य पशु पॉलिथीन निगल जाते हैं। जिनसे उनकी असमय मृत्यु हो जाती है। पॉलिथीन जलाने से निकलने वाला धुआं हृदय व अस्थमा रोगियों के लिए घातक है।

 

टीटीजेड का रिपोर्ट कार्ड
- 18.75 लाख किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक व थर्माकोल जब्त।
- 50 लाख रुपया जुर्माना जब्त प्लास्टिक व थर्माकोल पर।
- 14197 किलोग्राम पॉलिथीन कैरीबैग जब्त की टीटीजेड क्षेत्र में।
- 65 लाख रुपया जुर्माना जब्त प्रतिबंधित पॉलिथीन पर वसूला।
( नोट- आंकड़े 1 अप्रैल 2024 से 25 जुलाई 2024 तक)

 
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स्वयं होंगे जिम्मेदार
मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने बताया कि नगर निगम, सभी नगर पंचायत, नगर पालिका और जीएसटी व आरटीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। लापरवाही पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 

 
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