चादर ओढ़े युवक, फ्लीट में शामिल वीआईपी की कार के नजदीक पहुंचता है, तभी पुलिसकर्मी उसे घेर लेते हैं। चादर हटाकर देखते हैं तो उसके बदन पर बम बंधा होता है। युवक को एक तरफ ले जाया जाता है, बम निरोधक दस्ता बम को निष्क्रिय करता है और आत्मघाती हमला करने आए शख्स को पकड़ लिया जाता है। यह सब मंगलवार को पुलिस लाइन मैदान पर मॉक ड्रिल के दौरान हुआ, जो वीआईपी के आगमन के दौरान 12 प्रकार के हमले और घटनाओं से बचाव के लिए कराया गया।
दो बार होगा अभ्यास
अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के निर्देश पर मॉक ड्रिल कराया गया। एसपी प्रोटोकॉल ने प्रतिसार निरीक्षक को पत्र भेजा कि महीने में दो बार इसका अभ्यास होना चाहिए। प्रतिसार निरीक्षक एसके शर्मा के मुताबिक मॉक ड्रिल के लिए पुलिसकर्मियों की अलग अलग टोली बनाई गई थीं। उनमें एक टोली हमला करने वाली थी, जबकि दूसरी टोली हमले को विफल करने वाली रही। जिस तरह से वीआईपी का मूवमेंट होता है, उसी तरह फ्लीट में शामिल पायलट से लेकर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सुरक्षा कर्मियों के वाहन शामिल किए गए। बम निरोधक दस्ता भी डॉग स्क्वॉड के साथ इसमें शामिल हुआ।