आगरा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी की सूचना पर बृहस्पतिवार को सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और बम निरोधक दस्ते ने जांच शुरू की। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह वास्तविक धमकी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया परखने के लिए की गई मॉकड्रिल थी।
आगरा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी की सूचना से बृहस्पतिवार को अफरातफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और संदिग्ध स्थान की जांच शुरू कर दी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए गए। कुछ देर बाद सामने आया कि यह असली घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए की गई मॉक ड्रिल थी।
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आगरा सिविल एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को की गई मॉक ड्रिल में बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद होने वाली कार्रवाई को मौके पर करके दिखाया गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा दलों को सक्रिय किया गया। संदिग्ध स्थान की जांच, यात्रियों को सुरक्षित निकालने और सभी विभागों के बीच तालमेल की प्रक्रिया परखी गई।
अभ्यास में राज्य बम निरोधक दस्ता, स्थानीय खुफिया इकाई, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और भारतीय वायुसेना की त्वरित कार्रवाई टीम शामिल रही। सभी दलों ने अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई की। मॉक ड्रिल का मकसद यह देखना था कि वास्तविक खतरा होने पर सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी से कार्रवाई कर सकती हैं और यात्रियों को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है। अभ्यास से सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।