परिवार परामर्श केंद्र पर एक वर्ष में 120 केस आए हैं जिनमें दंपती के बीच रार की वजह मोबाइल फोन बना है। कहीं पति को शिकायत है कि पत्नी घंटों तक फोन पर लगी रहती है तो कहीं पत्नी की पीड़ा है तो पति छुपकर मोबाइल पर किसी से बात करता है। काउंसिलिंग से ऐसे 110 मामलों में गिले-शिकवे दूर हो चुके हैं।
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महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक अलका सिंह ने बताया कि साल 2020 में 600 शिकायती प्रार्थनापत्र आए थे। इनमें से 120 मामले पति-पत्नी के मोबाइल पर बात करने के थे। इसी तरह इस साल जनवरी और फरवरी में आईं शिकायतों में भी 20 ऐसे ही हैं। कई बार पति को पत्नी का मायके वालों से फोन पर बात करना बुरा लगता है। कई बार पति के मोबाइल पर ज्यादा व्यस्त रहने से पत्नी शक करती है।
ऐसे मामलों में पति-पत्नी को सामने बैठाकर काउंसिलिंग की जाती है। उन्हें समझाया जाता है कि वह एक-दूसरे को अधिक समय दें। अपनी परेशानियों को आपस में बैठकर दूर करें। कई बार पति-पत्नी मान जाते हैं और साथ रहने लगते हैं।