मैनपुरी। श्रमिकों को रोजगार देने की मंशा से शुरू की गई मनरेगा योजना पंचायत सचिव और रोजगार सेवकों की लापरवाही के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही है। मई में 51 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कोई काम नहीं हुआ। लापरवाही के लिए उपायुक्त मनरेगा ने संबंधित पंचायत सचिव और रोजगार सेवकों को नोटिस जारी किए हैं।
जिले में कुल 549 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार देने के आदेश दिए गए हैं। कोरोनाकाल में विशेष आदेश जारी कर प्रत्येक दिन मनरेगा कार्य जारी रखने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद जिले की आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतों में लापरवाही की जा रही है।
मई की समीक्षा में सामने आया कि जिले की 51 ग्राम पंचायतों ने पूरे माह मनरेगा में कोई काम नहीं कराया। लापरवाही सामने आने पर ग्राम पंचायतों के सचिव और रोजगार सेवकों को उपायुक्त मनरेगा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब उचित न होने पर वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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विगत माह 194 ग्राम पंचायतों में शून्य थी प्रगति
सीडीओ ईशाप्रिया द्वारा मनरेगा की खुद समीक्षा की जा रही है। इसके तहत अप्रैल माह की समीक्षा में जिले की 194 ग्राम पंचायतों की प्रगति शून्य मिली थी। इसके बाद भी सचिवों और रोजगार सेवकों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का संज्ञान लेकर कुछ ग्राम पंचायतों में सुधार हो गया, लेकिन अन्य में अभी भी प्रगति खराब है।
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मनरेगा में शून्य प्रगति पर 51 ग्राम पंचायतों के सचिवों और रोजगार सेवकों को नोटिस जारी किया गया है। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
पीसी राम, डीसी मनरेगा