विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक चुनाव प्रक्रिया में प्रत्याशियों को भरपूर खर्च की छूट है। आयोग से चुनाव में खर्च की कोई सीमा तय नहीं की गई। ऐसे में प्रत्याशियों को आय-व्यय व खर्च का कोई हिसाब भी नहीं देना पड़ेगा। ये खुलासा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
इटावा निवासी हरि किशोर तिवारी ने जन सूचना अधिकार के तहत आयोग से चुनाव खर्च की सीमा पूछी थी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने जवाब में बताया कि विधान परिषद की स्नातक चुनाव प्रक्रिया में खर्च होने वाली धनराशि की सीमा निर्धारित नहीं है। आगरा क्षेत्र की सीटों के रिर्टनिंग ऑफिसर आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि विधान परिषद प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का कोई ब्योरा नहीं देना पड़ेगा।
10 हजार जमानत राशि
एमएलसी चुनाव लड़ने के लिए प्रत्येक प्रत्याशियों ने दस हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई है। अनुसूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये है।