स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के मैनपुरी जिले को ओडीएफ (खुले से शौच मुक्त) बनाने के लिए पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। अफसर नए शौचालयों का निर्माण तो करा रहे हैं, लेकिन पुरानों की सुध नहीं ले रहे हैं।
यही कारण है जिले में बनवाए गए सैकड़ों शौचालयों ने कबाड़ घर का रूप ले लिया है। कहीं शौचालय में बकरी बांधी जा रही हैं तो कहीं भूसा भरा गया है।
जिले को ओडीएफ बनाने के लिए केंद्र ने दो अक्तूबर 2019 तो प्रदेश सरकार ने दो अक्तूबर 2018 की तारीख निर्धारित की है। योजना में बजट का भी कोई अभाव नहीं है। हर रोज जिले में शौचालयों का निर्माण भी हो रहा है।
शौचालय का नहीं हो रहा है इस्तेमाल
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
शौचालय बनने के बाद उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं इस पर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां लोगों ने शौचालय तो बनवा लिए हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
वे शौचालयों का इस्तेमाल बकरी बांधने, भूसा भरने व अन्य सामान रखने में कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी जिला ओडीएफ कैसे होगा।
शौचालय का इस्तेमाल न करने वाले कुछ ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय निर्माण के कुछ समय बाद ही बदहाल हो गए। दीवारें चटक गईं।
इसलिए नहीं हो रहा है इस्तेमाल
मजबूरी में उन्होंने इनका इस्तेमाल बंद कर दिया। ओडीएफ योजना को लेकर सरकारों ने खजाने का मुंह खोल रखा है। निर्माण के साथ ही प्रचार-प्रसार, निरीक्षण आदि पर लाखों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है।
बावजूद इसके जिले में शत प्रतिशत शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। शौचालय निर्माण के बाद अगर कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा है तो ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है।