न्यू आगरा क्षेत्र के लश्करपुर से दो दिन पहले लापता हुए किशोर का शव रविवार को यमुना में मिला। पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में घर से बाहर जाने पर किशोर को उसके पिता ने डांटा था। इसके बाद वो घर से चला गया था। आशंका है कि उसने आत्महत्या की है।
मूलरूप से बल्केश्वर निवासी मनीष अग्रवाल वृंदावन में परिवार सहित रहते थे। दो महीने पहले लश्करपुर, न्यू आगरा में रहने आए थे। वो किराए के मकान में रहकर परचून की दुकान चला रहे हैं। उनके दो बेटे 17 साल का बासु और 12 साल का देवू थे।
पत्नी श्वेता अग्रवाल बोल और सुन नहीं पाती हैं। बासु के मामा अंकुर अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से परिवार घर में रह रहा है। दुकान खुल नहीं पा रही है। 10 अप्रैल को शाम 6:00 बजे बासु घर के बाहर घूम रहा था।
पिता की डांट के बाद घर से निकला
इस कारण पिता ने उसको डांट दिया। तब तो वो घर के अंदर आ गया। आधा घंटे बाद घर से बाहर निकल गया। इसके बाद लौट कर नहीं आया। पिता ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका।
शनिवार को थाना न्यू अगरा में गुमशुदगी दर्ज कराई। रविवार सुबह 11:00 बजे यमुना के बल्केश्वर घाट पर एक शव मिला। पुलिस की सूचना पर परिजन आ गए। कपड़े और माला से उसकी पहचान बासु के रूप में हुई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सीओ हरी पर्वत सौरभ दीक्षित ने बताया कि यमुना नदी में बल्केश्वर के पास शव मिला, जिसकी शिनाख्त बासु पुत्र मनीष अग्रवाल निवासी लश्करपुर के के रूप में हुई है।
वो 10 अप्रैल को पिता के डांटे जाने के कारण शाम को घर छोड़कर चला गया था। प्राथमिक जांच में आत्महत्या का मामला लग रहा है। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के मोर्चरी भिजवा दिया गया है।
मां को नहीं बताया
परिजनों ने बासु की मौत की जानकारी उसकी मां को नहीं दी है। उनको बताया है कि बासु नानी के यहां चला गया है। मां पहले से बीमार रहती है। अगर उसे बेटे की मौत की जानकारी हुई तो हालत बिगड़ सकती है। इस आशंका के चलते परिजनों ने कुछ बता नहीं रहे हैं। बासु क्लास 9 का छात्र था।