फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्मी दुनिया में जाने के लिए आठवीं की तीन छात्राओं ने छोड़ा घर, वापस आने पर बताईं ये बातें

Thu, 05 Dec 2019 11:24 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मैनपुरी के किशनी क्षेत्र से लापता हुईं तीन छात्राएं मिल गईं हैं। पुलिस को छात्राओं ने जो कहानी सुनाई उसके मुताबिक तीनों फिल्म अभिनेत्री बनने के लिए मुंबई जाने के लिए घर से निकलीं थीं। गुरुवार की सुबह तीनों घर वापस आ गईं। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद तीनों को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। 
विज्ञापन


किशनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दो चचेरी बहनें कुसमरा क्षेत्र के एक विद्यालय में कक्षा आठ की छात्राएं हैं। उसी विद्यालय में चौकी क्षेत्र निवासी उनकी सहेली भी पढ़ती है। बुधवार को तीनों ही छात्राएं घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं। 

छुट्टी के बाद भी जब तीनों घर नहीं लौटीं तो सहेली के परिजनों ने चचेरी बहनों पर पुत्री को बहला फुसला कर ले जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। तीनों लड़कियों की उम्र 13-14 वर्ष के आसपास थी। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी। कई संदिग्ध लोगों को उठाया गया। 
विज्ञापन


इस बीच बृहस्पतिवार की सुबह तीनों छात्राएं घर लौट आईं। बताया कि वो मुंबई हीरोइन बनने जा रही थीं। इसीलिए तीनों एक साथ घर से चली गईं थीं। ग्वालियर पहुंचने के बाद वो वापस आ गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करने के बाद तीनों को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन

दो माह पहले ही बना ली थी योजना

तीनों छात्राओं ने बताया कि वे मुंबई जाकर अभिनेत्री बनना चाहती थीं। इसके लिए वे गांव का ही एक युवक व इटावा जिले के चौबिया थाना क्षेत्र के गांव महाराजपुर निवासी सचिन से संपर्क में थीं। किसी को उनके घर छोड़ने का शक हो न इसलिए तीनों दो माह पूर्व से ही योजना बना रही थीं।

तीनों छात्राएं कुसमरा से रोडवेज बस पकड़कर इटावा पहुंचीं। वहां से देर रात तक ग्वालियर पहुंच गईं थीं। उनके साथ ग्वालियर में सचिन भी मौजूद था। किशोरियों के लापता होने की सूचना पर पुलिस ने जब दबाव डाला तब सुबह तक वो लोग वापस घर आ गए।

'गलत हाथों में पड़ सकती थीं'

थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठा लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुंबई में अगर बच्चियां गलत हाथों में पहुंच जाती तो कुछ भी हो सकता था। तीनों का मेडिकल कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें