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खुशखबरः लबे इंतजार के बाद माता-पिता से मिलेगा लापता बेटा, पुलिस ने तलाशा 'जिगर का टुकड़ा'

Tue, 24 Sep 2019 03:05 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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लापता कृष्णा और एएसआई राजेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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प्रकाश नगर से लापता हुआ कृष्णा चार महीने बाद अपने मां-बाप से मिल सकेगा। उसे हरियाणा पुलिस ने खोज निकाला है। पुलिस किसी और बच्चे की तलाश में थी। गाजियाबाद के आश्रम में यह बच्चा मिला। कृष्णा ने सिर्फ यह बताया कि वह आगरा का है।
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हरियाणा पुलिस आगरा पुलिस के कंट्रोल रूम में संपर्क किया। बच्चे का फोटो भेजा। यहां से जवाब मिला कि यह फोटो तो अमर उजाला में दो दिन पहले ही छपा है।

इस पर हरियाणा पुलिस ने खबर पढ़ी तो बच्चे की पहचान हो गई। उसके माता पिता से संपर्क किया गया। पुलिस ने बच्चे से माता पिता की बात भी कराई। परिवारीजन मंगलवार को उसे लेने जाएंगे।

एत्माद्दौला क्षेत्र स्थित प्रकाश नगर निवासी मुकेश गुप्ता का नौ साल का बेटा कृष्णा 13 मई को घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। आसपास तलाश करने पर मिला नहीं। थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।

मुकेश का कहना था कि पुलिस ने कोई तलाश नहीं की। इस कारण बेटा नहीं मिल सका। अमर उजाला ने रविवार के अंक में 49 बच्चों के लापता होने में पुलिस की लापरवाही को उजागर किया था। इसमें कृष्णा भी शामिल था।

कृष्णा के फोटो को सोशल मीडिया पर डाला गया। इसके बाद स्टेट क्राइम ब्रांच एएचटीयू पंचकुला, हरियाणा के एएसआई राजेश कुमार ने पहले कंट्रोल रूम फोन किया। वहां से जानकारी लेकर अमर उजाला में छपी लापता बच्चों की खबर पढ़ी। इसके बाद थाना एत्माद्दौला पुलिस से संपर्क किया।
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बताया कि कृष्णा गाजियाबाद में रेलवे स्टेशन पर मिला था। उसे घरोंदा आश्रय गृह में रखा गया था। राजेश कुमार ने पुलिस ने परिजनों का नंबर लेकर बात की। कृष्णा से भी मुकेश की बात कराई। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंगलवार को परिजन उसे लेने गाजियाबाद जाएंगे। 

374 को मिला चुके हैं राजेश कुमार 
हरियाणा में एएचटीयू के एएसआई राजेश कुमार अब तक परिजनों से बिछुड़े 374 बच्चों और लोगों को अपनोें से मिला चुके हैं। पिछले दिनों आगरा की एक महिला अंबाला स्टेशन पर मिली थी। उसके साथ बच्चा भी था। महिला अपने घर का पता भी नहीं बता पा रही थी। इस पर उसके परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद उसे घर पहुंचाया। इसी तरह एक युवक को भी परिजनों से मिलाया था।
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