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UP: नवजातों के जन्म प्रमाणपत्र में आधार बना मुसीबत, अब आ रही ये समस्याएं; रिकॉर्ड में अंतर से माता-पिता परेशान

Thu, 11 Jun 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आधार कार्ड और अस्पताल रिकॉर्ड में नामों के अंतर के कारण जन्म प्रमाणपत्र जारी होने में परेशानी आ रही है। परिजन अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
 
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लेडी लायल अस्पताल का चक्कर काटने के लिए मजबूर हो रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के लेडी लायल में नवजातों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परिजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण माता-पिता के आधार कार्ड और अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज नाम में गड़बड़ी है। स्थिति यह है कि हर 10 में से चार मामलों में यह तकनीकी खामी सामने आ रही है।
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नियमों के मुताबिक, पोर्टल पर आवेदन के लिए दोनों दस्तावेजों में नाम का शत-प्रतिशत मिलान होना अनिवार्य है। जरा सी चूक होने पर सिस्टम आवेदन निरस्त कर देता है। इस तकनीकी बाधा को दूर कराने के लिए लोग रोजाना ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं।

अर्जुन नगर के गजेंद्र ने बताया कि मेरी पत्नी की डिलीवरी वर्ष 2018 के दिसंबर महीने में हुई थी। उस समय जन्म प्रमाणपत्र में नाम की स्पेलिंग गलत हो गई थी, जिस पर हमने ध्यान नहीं दिया। अब स्कूल में बच्ची के एडमिशन के समय यह प्रमाण पत्र अमान्य कर दिया गया। जब अस्पताल आए, तो कहा जा रहा है कि रिकॉर्ड पुराना होने के कारण अभी कुछ नहीं हो सकता। ऐसे में बच्चे के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं बोदला निवासी नेहा ने बताया कि पोर्टल पर स्कैनिंग न हो पाने के कारण उनका प्रमाणपत्र अटका हुआ है।
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सही दस्तावेज उपलब्ध न कराने से दिक्कत
लेडी लायल की अधीक्षक डॉ. पुष्पलता ने बताया कि प्रसव के समय परिजन सही पहचानपत्र या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं, जिससे डिस्चार्ज बुक और रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज हो जाते हैं। बाद में संशोधन के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है। हालांकि, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही स्कैनिंग प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि सीधे डाटा फीड हो सके।
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