इस मामले में पुलिस ने आकाश शर्मा निवासी किशोरपुरा, ज्ञानेंद्र इंदौलिया निवासी किरावली, परवेश कुमार निवासी सांवरा, फतेहपुर सीकरी और गोविंद राठौर निवासी सेक्टर तीन, आवास विकास कालोनी गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर लोडर ऑटो की बॉडी और इंजन बरामद किया गया।
इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा रमेश भारद्वाज ने बताया कि एक ईको कार भी मिली, जो कि 17 दिसंबर को चालक अनिल निवासी प्रकाश नगर की हत्या कर लूटी गई थी। पुलिस की पूछताछ में ज्ञानेंद्र ने बताया कि उसका पत्थर डिजाइनिंग का कारखाना है। इसमें मोटर लगी है।
मगर, उस पर ज्यादा डीजल खर्च होता है। इस कारण उसे छोटे मोटर के इंजन की जरूरत थी। वो लोडर टेंपो में होता है। इसलिए उसे लूटने का प्लान बनाया। आकाश ने बोदला से महेश का टेंपो कर लिया। उससे गेहूं के बोरे लाने की बात कही।
बाद में उसे कारखाना के बेसमेंट में ले जाकर बंधक बना लिया। महेश की साफी से गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को कारखाना में रखे रहे। इस दौरान उसका टेंपो खोलकर इंजन निकाल लिया। बाकी के पार्ट्स को जमीन में गाढ़ दिया।
रात में ईको वैन से शव को फेंक आए। जिस पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया था। वहां के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में आकाश की फोटो आ गई। फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
इंस्पेक्टर रमेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि आरोपी ज्ञानेंद्र का किरावली में पत्थर डिजाइनिंग का कारखाना है। आकाश डिजायनर और परवेश मजदूर है। गोविंद की घर में कंप्यूटर वर्क की दुकान है।
ज्ञानेंद्र ने गोविंद को कंप्यूटर ठीक करने के लिए बुलाया था। इससे उसकी मुलाकात हुई थी। ज्ञानेंद्र को कारखाना में ज्यादा फायदा नहीं हो रहा था। इस कारण वह बड़ा हाथ मारना चाहता था। उसने बैंक लूट की प्लानिंग की।
इसके लिए पश्चिमपुरी की एक बैंक की रेकी की थी। उन्हें रुपये ले जाने के लिए एक गाड़ी की आवश्यकता थी। इसके लिए तलाश शुरू कर दी। 17 दिसंबर को ज्ञानेंद्र रामबाग स्थित एक हास्पिटल में भर्ती अपने दोस्त को देखने गया।
उसके साथ परवेश और गोविंद भी थे। उन्होंने वैन लूटने का प्लान बनाया। अनिल की ईको वैन को किरावली तक मरीज ले जाने के लिए 1500 रुपये में तय कर लिया। उसे अपने कारखाना में ले जाकर टेप से बांध दिया।
इसके बाद वैन में ले जाकर ब्लेड से गला काटने लगे। मगर, गला कटा नहीं। बाद में वापस कारखाना आकर आरी ले गए। चलती वैन में उससे अनिल का गला काट दिया। इसके बाद लेदर पार्क के पास फेंककर भाग गए।