एटा के कस्बा जैथरा के पास पंचवटी मंदिर के पुजारी को बदमाशों ने पीटकर मरणासन्न स्थिति में मंदिर के पास खेत में फेंक दिया। बदमाशों ने पुजारी को पीटने के बाद उनसे चाबी छीन ली और कमरे में सामान आदि निकाल लिया। पुजारी लगभग 15 वर्ष से मंदिर में रह रहे हैं। पुजारी ने ही इस मंदिर का निर्माण कराया था।
कस्बा के पास ही पंचवटी मंदिर के पुजारी उमेश चन्द्र शर्मा (68) अपने दो शिष्य चन्दन और भूरे के साथ रह रहे थे। मंगलवार रात पुजारी के मंदिर परिसर में आराम कर रहे थे और दोनों शिष्य रामलीला देखने चले गए। आधी रात को अज्ञात हमलावरों ने पुजारी पर हमला बोल दिया। पुजारी ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने तमंचो की बटों ने उनको पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया और कमरे की चाबी छीन ली। इसके बाद पुजारी को खेत में फेंक दिया।
मंदिर के पास खेत में पड़े मिले पुजारी
चाबी छीनने के बाद बदमाश उनके पूरे कमरे में रखा सामान लूटकर फरार हो गए। रात दो बजे रामलीला देखकर जब उनके दोनों शिष्य वापस आए तो पुजारी वहां नहीं मिले। उन्होंने खोजबीन की तो पास के खेत से पुजारी के कराहने की आवाज आ रही थी। दोनों शिष्य पुजारी को उठाकर मंदिर लाए और उनके परिजनों को सूचित किया। परिजन घायल पुजारी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पूर्व में भी हो चुकी है मंदिर में लूट
लगभग दो वर्ष पूर्व भी इसी पंचवटी मंदिर में लूट हुई थी। तब बदमाशों ने पुजारी उमेश चन्द्र को बंधक बना लिया गया था और लगभग दो लाख 25 हजार रुपये लूट लिए थे। पुजारी के पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि मंदिर में लूटपाट हुई है। बदमाशों ने उनके पिता की हत्या करने की कोशिश की है।