शाहगंज क्षेत्र की एक महिला डॉक्टर से पांच लाख रुपये की चौथ मांगी गई है। उसका आरोप शाहगंज के बदमाश सुधीर सिंह भदौरिया पर है। वह फतेहगढ़ जेल में बंद है। फोन करके रुपये देने को कहा गया। इस मामले में शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में सुधीर के अलावा उसके परिवार के छह लोगों को और नामजद किया गया है। परिवारीजनों पर बेहोश कर अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने का आरोप है। डॉक्टर का परिवार दहशत में है। उन्होंने अपना अस्पताल भी बंद कर दिया है।
महिला डॉक्टर के पति भी चिकित्सक हैं। वह शाहगंज में अपना अस्पताल चलाती हैं। पीड़ित महिला डॉक्टर ने मुकदमे में लिखा है कि वह पार्क में टहलने जाती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात सुधीर सिंह भदौरिया की तलाकशुदा बहन ममता सिंह से हो गई। वह बातचीत करने लगी। अपने बारे में बताया। अपनी परेशानी का जिक्र किया। अपने घर भी बुला लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात सुधीर के भाई महेश और भाभी गौरी से हो गई। गौरी घर आने-जाने लगी। उनकी प्रॉपर्टी के बारे में जान लिया।
एक दिन साजिश के तहत उन्हें जन्मदिन पार्टी में बुलाया। वहां नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद महेश के साथ अश्लील फोटो खींच लिए। पति को फोन करके बेहोश होने की जानकारी दी। पति उन्हें लेकर गए। इसके बाद गौरी ने धमकाना शुरू कर दिया। उनसे पांच लाख रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर व्हाट्स एप पर अश्लील फोटो भेजे। वायरल करने की धमकी दी। बाद में जेल में बंद सुधीर सिंह भदौरिया से फोन को कान्फ्रेंस पर लेकर बात कराई। उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पांच लाख रुपये मांगे। उनकी कॉल डिटेल और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से साक्ष्य मिल सकते हैं। उनके कुछ फोटो परिचितों को भेजे हैं।
थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि महिला डॉक्टर की तहरीर पर चौथ मांगने, जहरखुरानी, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सुधीर सिंह भदौरिया वर्ष 2005 से जेल में है। इस समय फतेहगढ़ जेल में बंद है। उसके फोन करके धमकी देने की बात कही गई है। इसकी जांच की जा रही है। उसके हिस्ट्रीशीटर होने के बारे में भी लिखा है। इसकी जांच की जा रही है। उसके खिलाफ लूट, हत्या सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमे में ऋषि मार्ग शाहगंज निवासी सुधीर के भाई महेश कुमार सिंह, बहन ममता सिंह, भाभी गौरी, मां, भाभी की बहन सुमन और रेनू सिंह को नामजद किया है।
महिला डॉक्टर ने मुकदमे में लिखा है कि उन्होंने महिला थाने में शिकायत की थी। इस पर गौरी को बुलाया गया। पुलिस ने उससे बात की। पुलिस के सामने वह रोने लगी। बाद में पुलिस ने फोटो डिलीट कराने का आश्वासन दिया। कह दिया कि मुकदमेबाजी में क्या रखा है। समझौता करा दिया गया। बाद में सुधीर सिंह ने फिर फोन किया। इस बार भी धमकाया। कहा कि पुलिस उनका कुछ नहीं कर सकती है। इससे वो दहशत में आ गईं। वह अपना अस्पताल बंद करके धौलपुर में अपनी रिश्तेदारी में रह रही हैं।