फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डूबते को तिनके का सहारा: कैलाश घाट पर यमुना में बहा युवक, प्लास्टिक केन के सहारे ताजमहल तक पहुंचा; ऐसे बची जान

Thu, 18 Sep 2025 09:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

डूबते को तिनके का सहारा ये कहावत तो सुनी ही होगी। आगरा में ऐसी ही घटना हुई, जहां यमुना में डूब रहे युवक के लिए प्लास्टिक केन सहारा बन गई। वो इस केन के सहारे ताजमहल तक जा पहुंचा। जल चौकी पुलिस के जवान ने उसे बचा लिया। 
 
विज्ञापन
डूबते को तिनके का सहारा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के कैलाश मंदिर में दर्शन करने आया एक युवक पैर फिसलने से यमुना के तेज बहाव में फंस गया। वह बचाओ-बचाओ चिल्लाया लेकिन किनारे पर मौजूद लोग बचाने की हिम्मत नहीं कर सके। मगर, एक व्यक्ति ने 5 लीटर का प्लास्टिक का केन पानी में फेंक दिया, जिसे पकड़कर युवक करीब 8 किमी दूर ताजमहल तक जा पहुंचा। वहां जल चाैकी पुलिस ने उसकी आवाज सुनी तो मोटरबोट से जवान संजय ने पहुंचकर नदी से सकुशल निकाला।
विज्ञापन


घटना दोपहर 1:45 बजे की है। ताज के पार्श्व में दशहरा घाट पर जल पुलिस के जवान तैनात थे। तभी यमुना में एक युवक बहते दिखाई दिया। वह बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रहा था। जल चौकी के मुख्य आरक्षी संजय कुमार सिंह मोटरबोट की मदद से टीम के साथ पहुंच गए। उन्होंने पाइप डालकर युवक को बचाया।

प्रभारी निरीक्षक ताज सुरक्षा तिलकराम भाटी भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि बचाया गया व्यक्ति डब्बू बघेल है। वह ग्राम बरौली, थाना ताजगंज का रहने वाला है। पूछताछ में युवक ने बताया कि वो कैलाश मंदिर गया था। वहां घाट पर पैर फिसलने से यमुना नदी के गहरे पानी में चला गया। बहने लगा। बहते देख किसी ने प्लास्टिक की खाली केन यमुना में फेंक दी, जिसे मैंने पकड़ लिया। इससे डूबने से बच गया। पुलिस ने परिजन को सूचना दी। भाई राकेश आ गया, बताया कि डब्बू का इलाज चल रहा है। दवा मुंबई से मंगाई जाती है। वह घर से निकल गए थे।
विज्ञापन


10 लोगों की बचा चुके जान
मुख्य आरक्षी संजय कुमार सिंह अब तक 10 लोगों को बचा चुके हैं। वह पीएसी की फ्लड कंपनी में लगभग 15 वर्ष नियुक्त रहे हैं। उन्हें तैराकी का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है।
विज्ञापन




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें