आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर में 15 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या के मामले में रविवार को उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को कोर्ट के सामने पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया।
आरोपी पिता किशोरी को खाने के लिए कुछ नहीं देता था। वो तीन दिन से भूखी थी। भाई भी उसे बेरहमी से पीटता था। कुछ दिन पहले आग लगाकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की थी।
किशोरी का शव शनिवार को घर में ही फंदे से लटका मिला था। उसने तीन पेज का सुइसाइड नोट भी छोड़ा था। इसी के आधार पर उसकी मां ने केस दर्ज कराया। इसमें पिता, भाई, दादी और बुआ आरोपी हैं।
पिता-भाई पर लगे ये आरोप
सुइसाइड नोट में लिखा है, 'पिता खाने के लिए नहीं देता, भूखा रखता था, घर में आटा नहीं लाता, सारा पैसा अपनी मौजमस्ती में खर्च करता। चार दिन पहले दादी आई थी। उसके जाने के बाद तो घर में आटा तक नहीं आया। भाई तो और भी बेरहम है। उसने कुछ दिन पहले आग लगाकर जान लेने की कोशिश की।'
पुलिस ने किशोरी के भाई और पिता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों मजदूरी करते हैं। पुलिस का कहना है कि किशोरी का पिता शराबी है। वो सारी आमदनी शराब में खर्च कर देता है। इस कारण घर में झगड़ा रहता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि केस की जांच चल रही है।
कई दिनों से भूखी थी किशोरी
किशोरी के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस को मिल गई है। इसमें मौत का कारण हैंगिंग यानी लटकना आया है। साथ ही उसका अमाशय खाली आया है। आंतों में पचा हुआ या अपच भोजन नहीं मिला है।
यानि किशोरी कई दिनों से भूखी थी। उसने सुसाइड नोट में जो लिखा, वो सच निकला। माना जा रहा है कि इसी कारण उसकी जीने की इच्छा समाप्त हो गई थी। किशोरी का पिता घर से बाहर खाना खा लेता था। बेटे को भी ले जाता था। बेटी और मां को भूखा रखता था।