हरिद्वार कुंभ से पहले वृंदावन में होने वाले संत समागम (कुंभ मेला) के लिए प्रशासन ने 265 करोड़ के विकास कार्यों का प्लान तैयार कर लिया है। इसमें 255 करोड़ रुपये वृंदावन को जोड़ने वाली सड़कों के लिए सरकार से मांगे गए हैं। जबकि 10 करोड़ रुपये मेला स्थलकी व्यवस्थाओं पर खर्च होंगे।
जनवरी 2021 में भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में यमुना किनारे संतों का समागम होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ से पहले वृंदावन समागम में इस बार करीब 15 हजार साधु-संतों के यहां आने की संभावना है। इसे देखते हुए मेला स्थल की व्यवस्थाओं के साथ वृंदावन के विकास का प्लान तैयार कर लिया गया है। इसमें करीब 10 करोड़ रुपये मेला स्थल पर खर्च होने हैं।
इसमें मेले की व्यवस्थाएं, वॉच टावर, बैरियर, अस्थाई पुलिस चौकी, वाटर टैंक, यमुना पर दो पांटून पुल, प्रकाश व्यवस्था, सफाई आदि शामिल हैं। इसके अलावा प्रशासन ने संतों के इस समागम को ध्यान रखते हुए वृंदावन विकास की परियोजनाओं के लिए भी शासन से धन की मांग की है। इसमें 255 करोड़ से प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण शामिल है।
जल्द खत्म होगा टटीया स्थान के निकट जलभराव
परिक्रमा मार्ग स्थित टटीया स्थान के पास पिछले कई सालों से गंदा पानी भरा है। अगले साल इसी क्षेत्र में होने वाले संत समागम को देखते हुए जल निगम को लीकेज सीवर लाइन की मरम्मत का काम सौंपा गया है। संभावना है कि यह कार्य अगले दो माह में पूरा हो जाएगा।
सफाई व्यवस्था पर रहेगा अधिक ध्यान
वृंदावन में संत समागम के दौरान सफाई व्यवस्था पर सबसे अधिक ध्यान रहेगा। मेला स्थल के साथ वृंदावन में इस समय सफाई के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती होगी, जो 24 घंटे अपने कार्य को अंजाम देंगे।
पीडब्ल्यूडी से प्रस्ताविक सड़कें
- मथुरा-वृंदावन-मांट मार्ग का चौड़ीकरण
- वृंदावन परिक्रमा मार्ग की मरम्मत
- राया-मांट से पानीगांव वाया राधारानी मार्ग की मरम्मत
- मांट-वृंदावन से जहांगीरपुर बेगमपुर मार्ग की मरम्मत, चौड़ीकरण
- यमुना एक्सप्रेस-वे से वृंदावन कट पागलबाबा मंदिर तक फोर लेन
प्रयागराज कुंभ को मॉडल मानकर होंगी तैयारियां
प्रदेश सरकार की इच्छा वृंदावन संत समागम के दौरान प्रयागराज कुंभ को मॉडल मानते हुए तैयारियां कराने की है। इसी को ध्यान रखते हुए स्थानीय प्रशासन व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहा है।
मेले की तैयारियों के लिए कई बैठक स्थानीय स्तर पर हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों के तहत तैयारियों का प्लान बनाया गया है। विभिन्न विभागों ने अपनी कार्य योजना भी दे दी है। इसमें सड़क सहित मेले की अंदरूनी व्यवस्थाओं में पीडब्ल्यूडी की भूमिका प्रमुख रहेगी। -ईश्वरचंद सचिव एमवीडीए मेला अधिकारी, मथुरा