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बैंक के लॉकर से लाखों के गहने पार

Sat, 18 Apr 2015 02:11 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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शहर में अब बैंक के लॉकर भी सुरक्षित नहीं रहे। बैंक कालोनी स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स की शाखा में पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन के रिश्तेदार के लॉकर से 14 लाख रुपये के हीरे और सोने के गहने चोरी हो गए। लाकर नंबर 33 और 66 में भी छेड़छाड़ की गई है। शुक्रवार को बैंक पहुंचे लॉकर धारक चांदी कारोबारी और उनकी पत्नी ने जेवरात गायब देखे तो उनके होश उड़ गए। बैंक कर्मचारी तीन घंटे तक घटना पर परदा डालने की कोशिश में लगे रहे। पुलिस ने बैंककर्मियों की मिलीभगत की आशंका जाहिर की है। लॉकर धारक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बैंक कालोनी (वर्द्धमान हाउस) निवासी मुकेश जैन का किनारी बाजार चौबेजी का फाटक में चांदी का कारोबार है। उनकी पत्नी शशि जैन के नाम से कालोनी में ही स्थित ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स की शाखा में लॉकर है। शशि ने बताया कि लॉकर में हीरे का हार, तीन गले के सेट सहित अन्य सोने के जेवरात रखे थे। जेवरों की कीमत तकरीबन 12-14 लाख रुपये है। शुक्रवार सुबह तकरीबन 11:30 बजे दंपति जेवरात निकालने पहुंचे। बैंक आफिसर देवदत्त गुप्ता ने जैसे ही लॉकर खोला उसमें से जेवरात गायब थे। लॉकर पर लगी लोहे की पत्ती टूटी हुई थी। बैंक कर्मचारी शशि से ही कहने लगे कि उन्होंने पहले ही गहने निकाल लिए होंगे।
जानकारी पर तकरीबन तीन घंटे बाद बैंक मुख्य प्रबंधक केके अग्रवाल पहुंचे। अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। सूचना पर एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव, एसपी सिटी समीर सौरभ, सीओ मनीषा सिंह सहित नाई की मंडी पुलिस पहुंची। दो अन्य लाकरों में भी छेड़छाड़ होना दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है।
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स्टोर रूम बना डाला स्ट्रांग रूम
पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन का कहना है कि स्ट्रांग रूम को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उसमें तमाम सामान रखा है। इस महत्वपूर्ण जगह में भी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया। लाकर इंचार्ज का भी लापरवाही भरा रवैया है। इस मामले में लाकर इंचार्ज से भी पूछताछ करनी चाहिए। उन्होंने एसपी सिटी से घटना के खुलासे के लिए बैंक कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात कही।
 
इनसेट
... तो डुप्लीकेट चाबी बनवाकर उड़ाए गहने
बैंक का लॉकर दो चाबियों से खुलता है। इसमें एक बैंक के पास होती है और दूसरी चाबी लॉकर धारक के पास। लॉकर खोलते समय हस्ताक्षर भी कराए जाते हैं। धारक के आने पर ही बैंक की ओर से एक साथ दोनों चाबियां लगाई जाती हैं। एक बार चाबी खोने पर कंपनी के एक्सपर्ट ही लॉकर का लॉक तोड़ते हैं। ओरिएंटल बैंक में 165 लॉकर हैं। इनमें दो कैबिनेट है। एक में 90 तो दूसरे में 75 लॉकर हैं, जो स्ट्रांग रूम में बने हैं। इसमें ही बैंक का कैश लॉकर है। पुलिस छुट्टी पर गए कर्मचारी की तलाश कर रही है।

बैंक में आठ सीसीटीवी कैमरे
इस बैंक शाखा में आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। एक मुख्य दरवाजे पर तो तीन कैमरे अंदर हाल में लगे हैं। एक कैमरा स्ट्रांग रूम के गेट पर भी लगा है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति आएगा तो उसकी हर गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाएगी।

बैंक में पहुंचे कई लॉकर धारक, चेक किए गहने
शशि जैन ने बताया कि उन्हें दिल्ली शादी समारोह में शामिल होने जाना है। उनकी बहन की बेटी की 19 अप्रैल की शादी है। इसलिए गहने निकालने थे। अगर न आते तो जेवरात गायब होने की जानकारी भी नहीं हो पाती। उन्होंने लॉकर मार्च 2014 में खोला था। दिसंबर 2014 में गहने निकालने आए थे। इसके बाद नहीं आए। जानकारी पर काफी संख्या में लॉकर धारक पहुंच गए। बैंक कालोनी निवासी अनिल जैन, व्यवसायी राकेश चौहान ने भी अपना लॉकर चेक किया।

केनरा बैंक में भी हो चुकी है घटना
अशोक विहार, केदार नगर निवासी भरत ने अपनी पत्नी के साथ जयपुर हाउस स्थित केनरा बैंक में लॉकर और एकाउंट खोला था। लॉकर में 65 लाख रुपये की ज्वेलरी रखी थी। नवंबर 2012 में लॉकर से ज्वेलरी निकालने पहुंचे तो वह खाली मिला था। बैंक ने अपना पल्ला झाड़ लिया था। पीड़ित ने थाना लोहामंडी में तहरीर दी थी।

66 नंबर लॉकर की भी पत्ती टूटी मिली
बैंक मेें एक और लॉकर की पत्ती टूटी मिली। लाकर नंबर 66 हाथरस के रहने वाले व्यक्ति का है। पुलिस ने जांच की तो लॉकर की पत्ती टूटी मिली। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस लॉकर के अंदर से भी सामान चोरी कर लिया गया होगा। लॉकर स्वामी को बुलाया गया है। इसके साथ ही 33 नंबर लाकर में भी छेड़छाड़ होना प्रतीत हो रहा है।

वर्जन
स्ट्रांग रूम इंचार्ज और बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। सीसीटीवी कैमरे के तीन महीने के फुटेज निकाले जा रहे हैं। लॉकर के लीवर को जांच के लिए लैब भेजा गया है। कर्मचारियों की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी।
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- मनीषा सिंह, सीओ कोतवाली
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