टेंपो थाने लेकर चलने से मना करने पर दूध विक्रेता नरेंद्र कुशवाहा को थाना छत्ता की जीवनी मंडी पुलिस चाैकी में बेरहमी से पीटा गया। मामले में शिकायत के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। इस मामले में परिजनों का कहना है कि ये कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
आगरा के थाना छत्ता की जीवनी मंडी पुलिस चाैकी पर दूध विक्रेता नरेंद्र कुशवाहा को बेरहमी से पीटने, नाखून उखाड़ लेने के मामले में तीन दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इससे परिजन आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो बुधवार से थाना-चाैकी पर ही अनशन करेंगे। चारों पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। निलंबन और लाइन हाजिर पर्याप्त नहीं है।
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पीड़ित नरेंद्र के भाई धीरज ने बताया कि उन्हें एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने अपने कार्यालय पर बुलाया था। उनके बयान दर्ज किए। उधर, बाद में थाना सैंया में परिवार के लोगों से एसीपी ने बात की। नरेंद्र के ताऊ कपूरचंद कुशवाहा जन अधिकार पार्टी के मंडल उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि चार पुलिसकर्मियों ने भतीजे के साथ चाैकी में मारपीट की। प्लास से नाखून को खींचा। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मात्र निलंबन और लाइन हाजिर से कुछ नहीं होने वाला है। कुछ दिन बाद आरोपी पुलिसकर्मियों की बहाली हो जाएगी। इसके बाद वो फिर से इसी तरह घटना को करेंगे। इसलिए प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। दो दिन का समय दिया गया था। मंगलवार तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो बुधवार को थाने और चाैकी जाकर अनशन किया जाएगा। उन पर दबाव डाला जा रहा है। इस वजह से मेडिकल भी नहीं कराया गया है।
पुलिस ने किया अमानवीय कृत्य
सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का कहना है कि पुलिस ने अमानवीय कृत्य किया है। पुलिस भी लोगों का उत्पीड़न करेगी तो न्याय के लिए लोग कहा जाएंगे। शासन स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह की हरकत करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जाए। प्रदेश स्तर पर 70 से अधिक घटनाएं हुई हैं। इस संबंध में जन जागरण किया जाएगा।
यह था मामला
सैंया निवासी नरेंद्र कुशवाहा 2 जनवरी को छत्ता के गरीब नगर में अपने भाई धीरज के साथ टेंपो से दूध लेकर आए थे। पुलिस एक विवाद में पकड़े लोगों को उनकी टेंपो में बैठाकर थाने ले जाना चाहती थी। मगर नरेंद्र ने टेंपो ले जाने से मना कर दिया, कहा कि वह चलाना नहीं जानता। इस पर उसे पुलिस चौकी ले जाकर बर्बरता की गई थी और शांति भंग में चालान कर दिया गया था। शनिवार को डीसीपी सिटी से परिजन और भाजपा नेता राकेश कुशवाहा ने कार्रवाई की मांग की थी। इस पर चाैकी प्रभारी को निलंबित किया गया। रविवार को चाैकी पर सपा नेताओं ने प्रदर्शन किया, थाना प्रभारी प्रमोद कुमार को लाइन हाजिर किया गया।