फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली भारतीय सेना की लांस नायक कुछ दिन से परेशान थी। पिता ने बताया कि उनकी पुत्री दो अक्तूबर को छुट्टी पर आई थी। उन्होंने बेटी के छुट्टी पर आने पर गिरिराजजी की दूध की धारा के साथ परिक्रमा लगाई थी। ब्राह्मण को भोजन भी कराया था।
उन्होंने कहा कि परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। रविवार को बेटी की मां मायके गई थी। वह मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। छवि नीचे सो रही थी। प्रतिदिन की तरह सुबह 4 बजे वह जागे तो मोबाइल पर बेटी का मैसेज पढ़कर वह हक्के-बक्के रह गए और उसके कमरे की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि बेटी कमरे में पंखे से गले में फंदा डाल कर लटकी हुई है। आनन-फानन पुत्री को फंदे से उतार कर मथुरा मिलिट्री अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।