किया जा सकता है सीन री-क्रिएट
मिग-29 हादसे की जांच में जुटीं सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां इस हादसे की जांच के लिए सीन री-क्रिएट कर सकती हैं। इसके लिए पायलट के अस्पताल से डिस्चार्ज होने का इंतजार किया जा रहा है। ज्यादातर विमान हादसों में पायलट के बयान से मिलान करने के लिए दुर्घटना स्थल पर पायलट के साथ जाकर सुरक्षा जांच टीमें सीन री-क्रिएट करती रहीं हैं। माना जा रहा है कि कागारौल के बघा सोनिगा गांव में भी पायलट विंग कमांडर मनीष मिश्रा के साथ जाकर जांच टीमें हादसे के बाद की गतिविधियों को दोहरा सकती हैं।
पायलट को नहीं मिली छुट्टी
28वीं स्क्वाड्रन के मिग-29 विमान के पायलट विंग कमांडर मनीष मिश्रा मिलिट्री हॉस्पिटल में हादसे के तीन दिन बाद भी भर्ती हैं। विमान हादसे के बाद उन्होंने हाइटेक इजेक्ट सिस्टम के जरिए खुद को विमान गिरने से पहले ही बाहर निकाल लिया था। पैराशूट से लैंडिंग के समय वह खेत में घिसट गए, जिससे उनके चोटें आई हैं। हादसे के बाद ही उन्हें तत्काल मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां तीन दिन से उनका इलाज जारी है। पायलट से हादसे के बारे में एयरफोर्स अधिकारियों ने पूछताछ कर कई जानकारियां जुटाई हैं।
खेत पर लगाए तीन टेंट, सुरक्षा बढ़ाई
खेत और माइनर के बीच गिरे फाइटर जेट विमान मिग-29 का मलबा हादसे के दो दिन बाद भी खेत में ही पड़ा हुआ है। हादसे के समय दो किमी क्षेत्र में जो टुकड़े और कलपुर्जे गिरे, उन्हें भी यहीं पर एकत्र करके रखा गया है। विमान का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो चुका है। चारों ओर से इसकी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि कोई दुर्घटनाग्रस्त विमान के साथ छेड़छाड़ न कर सके। एयरफोर्स ने यहां दो की जगह तीन टेंट लगाए। बुधवार को एक टेंट और बढ़ा दिया गया और सुरक्षा में तैनात जवानों की संख्या में इजाफा किया गया। एयरफोर्स की ओर से ही सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विमान के मलबे की सुरक्षा के लिए थाना पुलिस के साथ पुलिस लाइन से भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
85 से ज्यादा लोगों से लिए बयान
कागारौल के बघा सोनिगा गांव के खेत में गिरे मिग-29 विमान मामले में एयरफोर्स अधिकारियों ने 85 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किये हैं। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से मुलाकात के साथ हादसे से जुड़े वीडियो भी लिए गए हैं। इन वीडियो के जरिए पायलट के बयान, ब्लैक बॉक्स की जांच, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत का मिलान किया जाएगा। जांच का पूरा फोकस यह जानने में रहेेगा कि हादसा पायलट की चूक से हुआ है या विमान में आई तकनीकी खराबी से हुआ है।