पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन कार्यालय ने आयोग को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें 97 ग्राम पंचायत शामिल हैं। 2006 में शासन ने महानगर योजना समिति गठन के आदेश दिए थे लेकिन 19 साल में समिति गठित नहीं हो सकी। समिति अध्यक्ष व सदस्यों का चुनाव भी नहीं हुआ। वर्ष 2018 में कमलेश कुमार ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसके क्रम में कोर्ट ने चुनाव आयोग से ब्योरा तलब किया है।
जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी निर्मला फौजदार के अनुसार समिति का ब्योरा आयोग को भेज दिया है। महानगर योजना समिति के अध्यक्ष व सदस्यों के चुनाव के संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद चुनाव कराया जाएगा। अप्रैल 2026 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में महानगर योजना समिति का गठन पंचायत चुनाव से पहले होगा। यह समिति संपूर्ण महानगर क्षेत्र की विकास योजनाएं, उनकी निगरानी व प्रस्ताव तैयार करेगी। इसमें एक तिहाई सदस्य चुने हुए जनप्रतिनिधि होंगे, जबकि अध्यक्ष व अन्य पद शासन से मनोनीत किए जा सकते हैं।
महानगर क्षेत्र में आएंगे 97 प्रधान
महानगर योजना समिति के दायरे में 97 गांव आएंगे, जिनमें बरौली अहीर के 39 गांव, बिचपुरी के 24, अछनेरा के सात, अकोला के नौ, खंदौली के 16 और एत्मादपुर की दो ग्राम पंचायत शामिल होंगी। इसके अलावा नगर निगम के 100 वार्ड, नगर पंचायत दयालबाग के 10 और स्वामीबाग नगर पंचायत के 10 वार्ड सहित कुल 120 वार्ड भी शामिल होंगे। 97 प्रधान चुनाव में हिस्सा लेंगे।
ये भी पढ़ें-
UP: 'एक करोड़ हैं, पूरा रख लो, केस रफा-दफा करो..', पहली बार मिली इतनी बड़ी रिश्वत; आगरा का दवा व्यापारी अरेस्ट