उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दूसरे कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज कर दिया है। यह आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने सर्वे करके रिपोर्ट तैयार की है। दिसंबर तक यह ट्रैक बनकर तैयार करने का दावा किया गया है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक करीब 16 किमी की दूरी है। इसमें 14 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह एलिवेटेड ट्रैक है। इसके लिए 18 मशीनों से निर्माण कार्य हो रहा है। पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक ट्रैक का निर्माण हो रहा है। जून से ट्रायल शुरू करा दिए जाएंगे। दूसरे चरण में आगरा कॉलेज से कालिंदी विहार तक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें हाईटेंशन लाइन को ऊंचा और यमुना नदी पर पुल बनाने का कार्य किया जा रहा है। मॉल रोड स्थित डिपो से दूसरे कॉरिडोर तक भी ट्रैक बन रहा है। अब तक 18 मेट्रो ट्रेन आ चुकी हैं और 12 और आना बाकी है। दिसंबर तक आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो ट्रैक तैयार हो जाएगा। इससे यात्रियों के लिए यातायात की बेहतर सुविधा हो जाएगी।
अधिकतम गति से शुरू नहीं हुए मेट्रो के ट्रायल
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के पहले कॉरिडोर में ताज पूर्वी से सिकंदरा तक ट्रैक बन रहा है। अब तक ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो चल रही है। मार्च में मन:कामेश्वर स्टेशन से आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो चलाई जानी है। इसके लिए तेज गति से ट्रायल शुरू नहीं किए गए हैं। अधिकतम 90 किमी प्रति घंटे से ट्रायल किया जाना है। बीते महीने 5 से 10 किमी प्रतिघंटे की गति से मन:कामेश्वर से आईएसबीटी तक ट्रायल किया था। यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह से अधिकतम 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू हो जाएंगे।