आगरा में एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हादसों का खतरा बढ़ गया है। राजामंडी क्षेत्र में हाइड्रा क्रेन की चपेट में आने से एक महिला घायल हो गई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आगरा के एमजी रोड पर मेट्रो के निर्माण के दाैरान जगह-जगह लापरवाही का आलम है। निर्माण कार्य से एक दर्जन से अधिक स्थान पर सड़क उखड़ गई है। कहीं बैरिकेडिंग हट गई है तो कहीं लगी हुई है। मार्शल नहीं होने की वजह से निर्माण कार्य में लगे वाहनों के निकलने के दाैरान हादसे का खतरा बना रहता है। ट्रैफिक संचालन न होने की वजह से जाम में भी फंसना पड़ता है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को पड़ताल की। इसमें यह बात सामने आई।
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बुधवार शाम को पीएसी कर्मी कृष्ण प्रताप सिंह की मां उर्मिला सिंह चिकित्सक के पास बेटी के साथ स्कूटी से जा रही थीं। राजामंडी पर मेट्रो के कार्य में लगी हाइड्रा क्रेन से टक्कर से वह सड़क पर गिर गई थीं। उनके ऊपर से क्रेन का पहिया निकल गया था। हादसे के बाद चालक भाग गया। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें अज्ञात चालक को आरोपी बनाया गया है। उधर, मेट्रो के कार्य के दाैरान पहले भी हादसे हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो का कार्य जहां-जहां चल रहा है। वहां पर सर्वे करके गड्ढों को भरा जा रहा है। मार्शलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। संकेतक भी लगाए जा रहे हैं।
सीन - 1 धाकरान चाैराहे पर मेट्रो की बैरिकेडिंग को 200 मीटर तक हटा दिया गया है। मगर कलेक्ट्रेट से सुभाष पार्क की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक तरफ पिलर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस पिलर के आगे ही एक पेड़ सड़क के बीचों बीच लगा है। इस पर किसी तरह का संकेतक नहीं है। इस वजह से रात के समय वाहन टकरा सकते हैं। वाहन फंसते भी हैं। यहां पर कोई मार्शल भी नहीं था।
सीन - 2
नालबंद पर पेट्रोल पंप के सामने कट को खोल दिया गया। इस कट से पंचकुइयां की तरफ जाने वलो वाहन मुड़ते हैं। इस दाैरान कोई भी मार्शल तैनात नहीं रहता है। इस वजह से सुभाष पार्क की तरफ से आने वाले वाहनों से हादसों का खतरा रहता है। इसके साथ ही वाहनों के बेतरतीब तरीके से आमने-सामने आने से यातायात प्रभावित होता है।
सीन - 3
राजामंडी पर साईं मंदिर के सामने निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बैरिकेडिंग को हटा दिया गया है। मगर निर्माण की वजह से उखड़ी सड़क को नहीं बनाया गया है। वहां पर मिट्टी पड़ी रहती है। इस मिट्टी की वजह से वाहनों से हादसा होने का खतरा बना रहता है। वहीं निर्माण कार्य में लगे वाहनों के निकलने के दाैरान मार्शल भी नहीं रहते हैं।
सीन - 4
सूरसदन चाैराहे से आगे दीवानी की तरफ कई जगह पर सड़क उखड़ी हुई है। इससे वाहनों की गति धीमी हो जाती है। लोगों का कहना है कि मेट्रो ने पिलर का निर्माण किया। इसकी वजह से सड़क उखड़ गई। अब बैरिकेडिंग हटा दी गई है। वाहन चलते हैं तो गड्ढों से हादसे का खतरा बना रहता है।