आगरा की किरावली तहसील में प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अलग-अलग मामलों में सामने आई अनियमितताओं ने यहां संगठित स्तर पर गड़बड़ी की आशंका को बल दिया है। मौजा गहर्रा खुर्द के एक राजस्व वाद में आदेश बदलने का मामला सामने आया है।
शिकायतकर्ता गनपति सिंह के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को उनके पक्ष में निर्णय हुआ था लेकिन दो दिन बाद 31 दिसंबर को पोर्टल पर दूसरा आदेश अपलोड कर दिया गया। आरोप है कि बिना सुनवाई वाद संख्या बदलकर प्रविष्टि दूसरे पक्ष के पक्ष में कर दी गई। उन्होंने मंडलायुक्त से जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
वहीं, मार्च माह में तहसील परिसर में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला भी उजागर हो चुका है। मथुरा जनपद के फरह ब्लॉक स्थित गांव झुंडावई निवासी कपिल ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर आरोप लगाया कि उसकी मां और चाची के नाम पर 200 रुपये लेकर जाति प्रमाण पत्र तैयार कर दिए गए थे। प्रमाण पत्रों पर तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाए जाने की बात सामने आई थी। दोनों मामलों में संविदा कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में इस तरह की गतिविधियां संगठित तरीके से संचालित हो रही हैं।
उप जिलाधिकारी किरावली दिव्या सिंह ने बताया कि वह वर्तमान में अवकाश पर हैं। मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।