मैनपुरी। बिजली बिल में मीटर रीडर अब हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अब प्रो-बिलिंग की शुरुआत की गई है। इससे बिलिंग में की जाने वाली गड़बड़ियां पूरी तरह रुक जाएंगी। इसी माह से जिले में ये व्यवस्था लागू कर दी गई है।
मीटर रीडर घर-घर जाकर रीडिंग के अनुसार बिल बनाते हैं। इसमें कई बार रीडर द्वारा कम यूनिट और भार डालने या अधिक दर्ज करने की शिकायतें आती रहती हैं। इससे बिल कम या अधिक हो जाता है। जांच में भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इसे देखते हुए शासन ने अब जिले में प्रो-बिलिंग की शुरुआत की है।
इसके तहत अब सीधे मीटर से बिलिंग डिवाइस को कनेक्ट कर बिल बनाया जाएगा। इसमें मीटर रीडर चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएगा। स्वत: ही बिलिंग डिवाइस मीटर में उपलब्ध पूरा डाटा रीड कर बिल बनाने का काम करेगी। प्रथम चरण में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लागू किया गया है। सभी मीटर रीडरों को भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ये होती है प्रो-बिलिंग
ग्रामीण क्षेत्र में लगाए गए मीटरों में एक प्वॉइंट दिया गया है। इस प्वॉइंट से बिलिंग डिवाइस को कनेक्ट करने के बाद स्वत: ही बिल बन जाएगा। इसमें न तो मीटर नंबर डालने की जरूरत होगी और न ही मीटर रीडिंग। इसे प्रो-बिलिंग का नाम दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में प्रो-बिलिंग शुरू कर दी गई है। इससे अब मीटर रीडर मनचाही रीडिंग नहीं डाल सकेंगे। सीधे मीटर से बिलिंग डिवाइस स्वत: ही रीडिंग के अनुसार बिल प्रिंट कर देगी। इससे बिलिंग में की जानी वाली गड़बड़ियां रुकेंगी। - रवि कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।