ताजमहल से ‘क्लीन इंडिया’ का अभियान शुरू हुआ, लेकिन इसी के साए तले महताब बाग में दफन इतिहास का खजाना कूड़ादान बना दिया गया। एक साल पहले एएसआई ने वर्ल्ड मॉन्यूमेंट फंड के साथ महताब बाग में साइंटिफिक क्लीयरेंस शुरू किया था। यहां 15 फीट गहरे ब्लॉक बेरिकेडिंग के बिना हादसे को न्योता तो दे ही रहे हैं, पर्यटक भी इनमें पानी की बोतल, चिप्स पैकेट रैपर फेंककर इन्हें कूड़ेदान बना चुके हैं। एएसआई की लापरवाही का आलम ये है कि मिट्टी में दफन जिस खजाने को सहेजकर रखना था, उसे महीनों से साफ ही नहीं किया गया।
महताब बाग को ताजमहल के विशाल परिसर का हिस्सा मानते हुए अष्टकोणीय फव्वारे के नीचे उत्खनन (साइंटिफिक क्लीयरेंस) शुरू कराया गया था। करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट के बंदरबांट के बाद अब यहां काम बंद है। उत्खनन रुकने से जो गड्ढे बने हुए हैं, उनमें कूड़ा भरा जा रहा है। हर सुबह महताब बाग से सूर्योदय के दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए सैकड़ों विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं।
ब्लॉक में पर्यटक भी गिर सकता है
एक साल पहले वर्ल्ड मॉन्यूमेंट फंड ने दुनिया भर से चंदा लेकर रिवरफ्रंट गार्डन को विकसित करने के नाम पर महताब बाग की साइंटिफिक क्लीयरेंस शुरू कराई थी। एएसआई स्थानीय अधिकारियों के साथ शुरू हुए इस काम को विदेशी प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री के आने तक चालू रखा। उन्हें दिखाने के बाद अब काम बंद है। उत्खनन वाले ब्लॉक की बेरिकेडिंग भी हटा ली गई। 15-15 फीट गहरे ब्लॉक में बेरिकेडिंग के बिना कोई भी पर्यटक गिर सकता है।