आगरा। धर्मांतरण गैंग के आरोपियों ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अब आरोपियों से मिले साक्ष्य और जानकारी के आधार पर गैंग में शामिल अन्य सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।
सदर में सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने 14 आरोपी जेल भेजे थे। पूछताछ के बाद दिल्ली से तलमीज उर रहमान, जाशिम उर्फ जतिन कपूर , परवेज अख्तर और राजस्थान के डीग से मौलाना हसन को गिरफ्तार किया था। तीन दिन की रिमांड में आरोपियों ने गैंग की हर गतिविधि को लैपटॉप और दस्तावेज में दर्ज करने की जानकारी दी थी। उनसे साक्ष्य बरामद करने को पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोबारा रिमांड मांगी थी। न्यायालय से मिली दो दिन की रिमांड में आरोपियों को दिल्ली और डीग ले जाया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर साक्ष्य बरामद किए हैं। कई इस्लामिक साहित्य की किताबों पर दर्ज नामों की जानकारी हुई है। गैंग की कई जिलों में होने वाली बैठकों के स्थान और व्यवस्था करने वालों का पता चला है। 10 लोगों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया है। पुलिस जल्द ही आरोपियों के अन्य साथियों को गिरफ्तार करेगी। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से साक्ष्य और अहम जानकारी मिली हैं। अग्रिम विवेचना की जा रही है।