बैठक में जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पूर्वी गेट पर सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि मेगा लेदर क्लस्टर के लिए आवंटित करने का निर्णय हुआ। तत्काल उद्यमियों को इसका लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया। यह जमीन 9,775 रुपये प्रति वर्ग मीटर कीमत पर मिली है। अगले दो माह में पार्क भूमि पर कब्जा लिया जाएगा। पूरन डावर ने बताया कि इस पार्क में करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 3 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे। इस भूमि पर यूपी फुटवियर नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, केंद्र की मेगा लेदर क्लस्टर नीति के तहत भी इस योजना को शामिल कराया जाएगा।
नया बाजार और आधुनिक आधारभूत संरचना
आगरा देश के प्रमुख चमड़ा और जूता उत्पाद केंद्रों में शामिल है। जेवर में लेदर पार्क से आगरा के छोटे-बड़े उद्योगों को उन्नत कार्गो सुविधाओं के साथ बड़ी कंपनियों से कनेक्टिविटी और एक्सपोर्ट बढ़ेगा। आसान और तेज लाॅजिस्टिक्स जेवर एयरपोर्ट के पास लेदर पार्क होने से आगरा के उत्पादकों को तेज और सस्ता ट्रांसपोर्ट मिलेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में फायदा होगा। जेवर में स्थापित होने वाली बड़ी कंपनियां आगरा के निर्माताओं के साथ काॅन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्टचरिंग, सप्लाई चेन पार्टनरशिप और क्लस्टर डेवलपमेंट में सहयोग कर सकती हैं। युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, नई नाैकरियां और मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का माैका मिलेगा।
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16 साल से अधूरा महुअर लेदर पार्क
बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती ने किरावली स्थित महुअर गांव में 100 एकड़ भूमि लेदर पार्क के लिए अधिग्रहीत की। 50 करोड़ रुपया खर्च हुआ। लेकिन, टीटीजेड में पर्यावरण मानकों के कारण सुप्रीम कोर्ट से लेदर पार्क पर रोक लग गई। पिछले 16 साल से महुअर लेदर पार्क अधूरा पड़ा है।