राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज के 200वें जयंती समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। साल 2018 में अगस्त से सितंबर के बीच 15 दिन तक द्वितीय शताब्दी समारोह स्वामीबाग स्थित पवित्र समाधि पर मनाया जाएगा।
1904 से बनाई जा रही समाधि को पूरा करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। समारोह में जुटने वाले देश-दुनिया के लाखों सत्संगियों के लिए व्यवस्थाएं करने के लिए नगर पंचायत स्वामीबाग ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है।
राधास्वामी मत के संस्थापक और प्रथम आचार्य स्वामीजी महाराज का जन्म वर्ष 1818 में पन्नी गली में हुआ था। उन्होंने 1861 में राधास्वामी मत की स्थापना की। मुख्यमंत्री को लिखे सात सूत्रीय मांगपत्र में पवित्र समाधि के दोनों ओर से अतिक्रमण हटवाने, सौंदर्यीकरण और पार्किंग स्थल की मांग की गई है।
स्थाई पुलिस पिकेट, साइलेंट जोन में ट्रैफिक सुधार, पर्यटन मानचित्र में दयालबाग मंदिर की जगह समाधि स्वामीजी महाराज, स्वामीबाग कराने, बिजली के तारों को अंडरग्राउंड कराने और क्षेत्र से होर्डिंग बैनर, हटवाने की मांग की गई है।
‘परम पुरुष पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज के 200वें जयंती समारोह में लाखों सत्संगियों के आगरा आने के लिए व्यवस्थाएं अभी से करनी होंगी।’
संजय कपूर
अध्यक्ष, स्वामीबाग नगर पंचायत
समाधि के गुंबद का काम दिन-रात
102 सालों से अनवरत चल रहे समाधि के निर्माण कार्य को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए दिन रात काम चल रहा है। पिछले साल गुंबद पर शटरिंग के बाद संगमरमरी ब्लॉक और पंखुड़ियों को लगाने का काम पूरा हो चुका है। लाखौरी ईंटों की जगह संगमरमर के ब्लॉक से ही गुंबद बनाया जा रहा है।
स्वामीबाग में होगा सत्संगियों का मिलन
आगरा। राधास्वामी मत के संस्थापक हुजूर स्वामीजी महाराज के 200 वें जन्म समारोह में न केवल स्वामीबाग बल्कि व्यास, पीपलमंडी और दयालबाग के सत्संगी भी जुटेंगे। दयालबाग के गुरुजी महाराज दो बार पवित्र समाधि के दर्शन करने जा चुके हैं।
1904 में बननी शुरू हुई समाधि
195 फुट ऊंचा है समाधि स्थल
32 फुट लंबा है समाधि का कलश
52 कुंओं पर है स्वामीबाग की बुनियाद
160 किग्रा सोना गुंबद में जड़ेगा
121 फुट ऊंची हैं मीनारें
54 फुट ऊंचा संगमरमरी गुंबद
5000 टन है केवल गुंबद का वजन
54 इंच ऊंची संगमरमरी पंखुड़ियां गुंबद पर