एसटीएफ और औषधि विभाग ने दवाओं की कालाबाजारी में माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। माफिया 10 फीसदी बिल पर दवाओं की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। पुुडुचेरी से लखनऊ के पते पर दवाएं मंगवाते और आगरा में ही उतारकर इनको अन्य राज्यों में खपाया जा रहा था।
सहायक आयुक्त औषधि बस्ती रेंज नरेश मोहन दीपक ने बताया कि बंसल मेडिकल एजेंसी पर छापे के दाैरान टेंपो में दवाएं भरकर गोदाम लाई जा रही थीं। गोदाम के पास आकर टेंपो रुका, इस पर टीम ने उसे पकड़ लिया। टेंपो चालक ने पूछताछ में इसी गोदाम तक दवाएं लेकर आने की जानकारी दी। चालक के पास दवाओं के बिल थे, जिस पर दवाएं भेजने वाली फर्म के नाम पर मीनाक्षी फार्मा पुडुचेरी दर्ज था।
बिल में दवाएं लखनऊ पहुंचाए जाने की बात लिखी थी लेकिन कालाबाजारी करने के लिए आगरा में ही उतारकर गोदाम में भंडारण किया जा रहा था। टेंपो चालक के पास 10 लाख रुपये के बिल थे। दवाओं की जांच करने पर बुखार-खांसी, एंटी एलर्जी, एंटीबायोटिक समेत अन्य तरह की दवाएं मिलीं। इनकी कीमत 87 लाख रुपये है।
इस तरह से माफिया 10 फीसदी बिल पर दवाओं की खरीद-फरोख्त कर कमाई कर रहे थे। रैकेट पकड़ में नहीं आए इसके लिए ये बिल भी लगाते थे। ट्रांसपोर्टर से भी पूछताछ की जा रही है कि टेंपो किसने बुक कराया और क्या पहले भी बुकिंग कराई जाती रही है।