मैनपुरी। लॉकडाउन में अब दुकानों पर भी दवाओं का संकट गहराने लगा है। मरीजों और तीमारदारों को मांग के सापेक्ष दवा नहीं मिल पा रही है। किसी को तीन तो किसी को पांच दिन की दवा मेडिकल स्टोर संचालक दे रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद को दवा मिलती रहे। आगरा में फैले कोरोना संक्रमण के चलते दुकानों पर दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दुकानदार अब मरीजों और तीमारदारों को पर्चे के अनुसार नहीं अपने हिसाब से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। बाहर के डॉक्टरों के लिखे पर्चे की दवाएं अब बाजार में धीरे-धीरे समाप्त होने लगी हैं। दुकानदारों की मानें तो आगरा का अधिकांश दवा बाजार बंद होने से दुकानदारों को उनकी मांग के अनुसार दवा ही नहीं मिल पा रही है।
आगरा से आती दवा
मैनपुरी में अधिकांश दुकानों पर आगरा से ही दवा आती है। आगरा में अधिकांश दवा का बाजार बंद है। 45 दिनों से दुकानदारों को उनकी मांग के अनुसार दवा नहीं मिल पा रही है। इससे दवाओं का संकट गहराने लगा है।
अशोक चौहान, अध्यक्ष केमिस्ट एसोसिएशन
समस्या बढ़ रही
कई मरीजों का आगरा के डॉक्टरों से इलाज चल रहा है। मरीजों की मांग पर दुकानदार आगरा के बाजार से दवाएं मंगाते हैं। लॉकडाउन में दवाओं की मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं मिलने से दवाओं की समस्या बढ़ रही है।
विनय सक्सेना गांधी, महामंत्री केमिस्ट एसोसिएशन
संकट फिलहाल कम होने वाला नहीं
मरीज तो अपने हिसाब से दवा मांगते हैं, लेकिन दुकानदार सभी ग्राहकों की मांग पूरी करना चाहते हैं जो जरूरी भी है। अगर चार मरीजों को दवा मिल जाए तो ज्यादा अच्छा है। दवा का संकट फिलहाल कम होने वाला नहीं है।
दीपक कालरा दीपू, दवा विक्रेता
गाइड लाइन बनानी चाहिए
45 दिन से दवाओं की बाहर से आपूर्ति नहीं हो रही है। जो स्टॉक था वो धीरे-धीरे खत्म होने लगा है। शासन को दवाओं की आपूर्ति करने के लिए गाइड लाइन बनानी चाहिए। इससे लॉकडाउन में मरीजों को भटकना न पड़े।
सुनील भटनागर, दवा विक्रेता