पांच वर्ष में पकड़े गए मामले
- वर्ष 2021: आवास विकास कॉलोनी निवासी सुधीर राजौरा, प्रदीप राजौर और मथुरा के सौरभ का एक्सपायर्ड दवाओं की रीपैकिंग का गोदाम पकड़ा।
- फव्वारा में गोदाम से एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन नकली मिले।
- वर्ष 2020: नशे की दवाओं की कालाबाजारी पकड़ी, कमला नगर निवासी विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा के दो गोदाम भी सील।
- कमला नगर निवासी पंकज गुप्ता का नकली, नशे की और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी का गिरोह पकड़ा।
- गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की चार मंजिला अवैध फैक्ट्री पकड़ी। इसका संचालक राजन अग्रवाल है।
- 2019 : निबोहरा में सात लाख रुपये की कीमत के नकली इंजेक्शन और एंटीबायोटिक दवाएं जब्त कीं।
- पंजाब एसटीएफ ने 17 लाख रुपये के कफ सिरप जब्त किए।
- राजस्थान पुलिस ने गर्भपात की नकली दवाओं की किट पकड़ीं।
- शस्त्रीपुरम में दो घरों में बने अवैध गोदाम में 50 लाख रुपये की नकली दवाएं पकड़ीं।
- आवास विकास कॉलोनी निवासी राजौरा बंधु की नकली दवा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई।
विभागीय सांठगांठ से नकली दवाएं बेचने का आरोप
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा का कहना है कि नकली, नशे की दवाओं की कालाबाजारी हो रही है। इस पर भी विभाग के अधिकारी इस गिरोह को पकड़ नहीं पा रहे। इसमें विभागीय सांठगांठ है। इससे दवाओं का सही तरीके से कारोबार करने वाले भी प्रभावित हो रहे हैं।