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डॉ अरिंजय की भी डिग्री की हो जांच

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श्रीपारस हॉस्पिटल संचालक डॉ. अरिन्जय जैन की एमबीबीएस डिग्री व संपत्तियों की जांच की मांग सामाजिक कार्यकर्ता व पीड़ितों ने उठाई है। प्रधानमंत्री को पत्र भेज चिकित्सा प्रमाणपत्र और आयकर विवरणियों में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही मॉकड्रिल कांड की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया है।
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ऑक्सीजन संकट के दौर में मॉकड्रिल से सुर्खियों में आए डॉ. अरिन्जय जैन के विरुद्ध एक तरफ प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग की जांचें ठप हैं, दूसरी तरफ पीड़ित दिल्ली तक आवाज बुलंद कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्रीपारस प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने संचालक के चिकित्सा प्रमाणपत्रों को संदिग्ध बताते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन से जांच कराने को कहा है।
उधर 26 अप्रैल को अपनी मां को खोने वालीं प्रियंका सिंह और पत्नी को खोने वाले नत्थीलाल त्यागी ने कें द्र सरकार से मामले की सीबीआई जांच, आयकर व संपत्तियों की जांच की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि पांच साल में संचालक ने अकूत संपत्ति कमाई है। उपचार के नाम पर बड़े पैमाने पर मरीजों का दोहन किया है। मानवता को शर्मसार करने के आरोप लगाते हुए आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन का एलान किया है।
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एसएन से ली एमडी की डिग्री
डॉ. अरिन्जय जैन ने एमडी मेडिसिन की डिग्री एसएन मेडिकल कॉलेज से ली है। मेडिसिन विभाग में तब वही चिकित्सा शिक्षक थे जिन्होंने मॉकड्रिल कांड में डेथ ऑडिट किया था। मॉकड्रिल में 22 मौतों के आरोप हैं। डेथ ऑडिट में 16 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। परंतु डेथ ऑडिट कमेटी ने 16 मरीजों की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं मानी है। बल्कि मौतों का कारण गंभीर बीमारी बताया जा रहा है।
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