मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा लिया गया बीटासोप दवा का एक नमूना दोबारा जांच में भी फेल हो गया है। मेडिकल स्टोर संचालक की मांग पर ये नमूना जांच के लिए कोलकाता भेजा गया था। विभाग ने दवा कंपनी और विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सितंबर 2019 में औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने अभियान चलाकर दवाओं के नमूने जांच के लिए भरे थे। इसी में शहर के राजा का बाग स्थित न्यू मिश्रा मेडिकल स्टोर से भी बीटासोप गोली का नमूना लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आई तो नमूना फेल हो गया।
इस पर दवा विक्रेता ने सवाल उठाते हुए दोबारा जांच कराने की मांग की थी। नमूना कोलकाता प्रयोगशाला भेजा गया। इसकी भी जांच रिपोर्ट आ गई। इस बार भी ये नमूना जांच में फेल ही पाया गया। औषधि निरीक्षक ने दवा कंपनी और विक्रेता के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मानक से कम थी दवा की मात्रा
प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार बीटासोप गोली में मानक से कम दवा पाई गई थी। जो दवा सौ प्रतिशत होनी चाहिए थी वह जांच रिपोर्ट में 60 प्रतिशत ही निकली थी।
मेडिकल स्टोर पर निरीक्षण के दौरान एक दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में नमूना फेल होने के बाद संचालक द्वारा दोबारा जांच की मांग की गई थी। दोबारा जांच में भी दवा का नमूना फेल पाया गया है। जल्द ही मुकदमा दायर किया जाएगा। - उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।