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UP: आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में मिली मेडिकल छात्रा की लाश, नींद की गोली खाकर जान देने की आशंका

Mon, 27 Apr 2026 02:26 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

हॉस्टल के दरवाजे को तोड़ा गया तो कमरे में बेड पर छात्रा अचेतावस्था में पड़ी हुई थी। एसएन मेडिकल कॉलेज में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कमरे को बंद कर दिया।
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मृतक छात्रा का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में रविवार शाम को एमडी की एक छात्रा हॉस्टल के कमरे में बेड पर मृत मिली। मां ने बेटी के फोन नहीं उठाने पर सहपाठी को कमरे में भेजा, तब घटना का पता चला। छात्रा ने फरवरी में एक सीनियर रेजिडेंट पर अभद्रता का आरोप लगाया था। मामले में संस्थान प्रबंधन ने कमेटी से जांच कराई। इसमें आरोप सिद्ध नहीं हुए। तब से छात्रा के तनाव में होने की बात कही जा रही है। आशंका है कि उन्होंने नींद की गोलियों की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच में लगी है। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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लखनऊ की रहने वाली वर्तिका (28) ने 22 फरवरी को एमडी साइको प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह हॉस्टल की पहली मंजिल पर कमरे में रह रही थी। रविवार को मां ने फोन किया, रिसीव नहीं होने पर उन्होंने शाम 5:28 बजे एक साथी सिद्धार्थ शर्मा के पास कॉल कर कमरे में जाकर देखने के लिए कहा। जब वो पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। जानकारी पर संस्थान प्रबंधन के लोग आ गए। हॉस्टल के दरवाजे को तोड़ा गया। कमरे में बेड पर छात्रा अचेतावस्था में पड़ी हुई थी। एसएन मेडिकल कॉलेज में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कमरे को बंद कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं देर रात फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाया गया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि छात्रा के नींद की गोलियों की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की बात सामने आई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं परिजन को जानकारी दे दी गई है। वह आगरा के लिए निकल गए हैं। सोमवार सुबह आने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में नहीं हुई थी आरोपों की पुष्टि
संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि फरवरी में छात्रा ने गाजियाबाद के रहने वाले सीनियर रेजिडेंट डॉ. सार्थक पर अभद्रता का आरोप लगाया था। दोनों फरवरी में साथ में कहीं गए थे। इसके बाद छात्रा ने शिकायत की थी। मामले में तीन डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने बयान दर्ज किए थे। जांच में अभद्रता के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी। इसमें आरोप साबित नहीं हुए थे। छात्रा तब से तनाव में थी। 27 मार्च को भी जान देने का प्रयास किया था। तब नींद की गोलियों की ओवरडोज ले ली थी। अस्पताल में हालत में सुधार हुआ था। उसे परिजन लेकर चले गए थे। तीन दिन पहले फिर से आई थी।उसका मनोचिकित्सक से उपचार भी चल रहा था। उसे आत्महत्या संबंधी विचार भी आया करते थे। इसलिए परिजन उसका ख्याल रख रहे थे।

आखिर तनाव में क्यों है छात्रा?
छात्रा की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। वह इतनी तनाव में क्यों आ गई? उसे आत्महत्या क्यों करनी पड़ी। चर्चा है कि वह शिकायत करने के बाद से ही तनाव में थी। पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजन से पूछताछ की जाएगी। छात्रा के कमरे में देखा जाएगा कि कोई सुसाइड नोट तो छोड़ा नहीं है। आशंका यह भी है कि उसने आत्महत्या से पहले कोई वीडियो या पोस्ट परिजन को किया होगा। इसके बाद ही मां ने कॉल किया होगा। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच करेगी। वहीं कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। यह देखा जा रहा है कि उसने सीनियर रेजिडेंट की शिकायत कहां-कहां की। कमेटी ने क्या किया? अगर सुसाइड नोट सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई
निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई हैं, जिसमें डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमित्रा मिश्रा शामिल हैं। कमेटी पूरे प्रकरण की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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