नोडल केंद्र प्रो. मनुप्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों की सघन जांच की गई। जांच के लिए महिला और पुरुष शिक्षक लगाए गए। लॉकेट, बेल्ट, ताबीज, मोबाइल, बैग समेत अन्य संदिग्ध सामान कमरे के बाहर ही उतरवाकर रखवाया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एमबीबीएस की पूरक परीक्षा शुरू हुई। पहले दिन 83 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। केंद्र पर स्कैनर, प्रिंटर देर से पहुंचने के कारण स्कैनिंग कार्य तीन घंटे देरी से शुरू हो सका।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि आईईटी में बने केंद्र पर एसएन मेडिकल कॉलेज, एफएच मेडिकल कॉलेज, मथुरा के केडी मेडिकल कॉलेज और केएमएम कॉलेज के केंद्र बनाए हैं। इसमें 245 छात्र परीक्षा देंगे। पहले दिन 83 छात्रों की परीक्षा थी। इसमें एफएच कॉलेज के 42, केएमएम कॉलेज के 25, केडी मेडिकल कॉलेज के 10, एसएन मेडिकल कॉलेज के चार और रमा मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक संचालित हुई।
स्कैनर और प्रिंटर पहुंचने में देरी होने के कारण स्कैनिंग का कार्य देर से करीब चार बजे से शुरू हुआ। सभी छात्रों की मेडिकल कॉपियां स्कैनिंग कराने के बाद ही एजेंसी के पास जमा कराई हैं। इससे पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित हो गया। इससे कॉपियां बदले जाने की आशंका खत्म हो गई है। दरअसल, बीएएमएस और एमबीबीएस की कॉपियां बीच रास्ते से बदल जाने के मामले के बाद पहली बार केंद्र पर ही कॉपियां स्कैन कराई जा रही हैं।
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लॉकेट, बेल्ट उतरवाकर करने दिया प्रवेश
नोडल केंद्र प्रो. मनुप्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों की सघन जांच की गई। जांच के लिए महिला और पुरुष शिक्षक लगाए गए। लॉकेट, बेल्ट, ताबीज, मोबाइल, बैग समेत अन्य संदिग्ध सामान कमरे के बाहर ही उतरवाकर रखवाया। इसके बाद ही छात्रों को कक्ष में प्रवेश करने दिया। सीसी टीवी कैमरे से सभी छात्रों पर निगरानी की गई। परीक्षा के बीच कुलपति प्रो. आशु रानी ने भी केंद्र का निरीक्षण की परीक्षा का जायजा लिया।