बेवर के गांव नगला पैंठ में जेसीबी से होती तालाब की खोदाई।
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बेवर (मैनपुरी)। कच्चे काम के लिए केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गांव में ही मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन ग्राम पंचायत नगला पैंठ में मनरेगा मजदूर रोजगार के लिए भटक रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा जेसीबी से तालाब की खोदाई कराई जा रही है। ग्रामीणों के विरोध के बाद काम रुकवा दिया गया है।
विकास खंड बेवर की ग्राम पंचायत नगला पैंठ में तालाब की सफाई का काम चल रहा है। बीते दो दिनों से ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा जेसीबी से काम कराया जा रहा है। वहीं गांव के मनरेगा मजदूर रोजगार के लिए भटक रहे हैं। सोमवार को जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो जेसीबी तो हटवा दी गई, लेकिन मजदूरों से काम शुरू नहीं कराया गया। इससे मनरेगा मजदूरों में आक्रोश है।
मनरेगा के नियमों के अनुसार कच्चे काम के लिए जेसीबी का उपयोग न करने के सख्त आदेश दिए गए हैं। इसके बाद भी ग्राम पंचायतों में जेसीबी से मिट्टी कार्य करवाकर योजना को पलीता लगाया जा रहा है। जब इस मामले में खंड विकास अधिकारी अजय पाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जेसीबी से तालाब की खोदाई का मामला संज्ञान में आया था। तत्काल ही जेसीबी से खोदाई का काम रुकवा दिया गया है। जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।