आगरा नगर निगम की कार्यकारिणी में सोमवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब महापौर का रिश्तेदार बैठक में जबरन घुस आया। सवाल उठाए कि केस दर्ज होने के बाद भी एई सोमेश कुमार पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। यह सुनकर अफसर और पार्षद सभी अवाक रह गए। आरोप है कि यह रिश्तेदार बैठक के दौरान तीन बार आया। महापौर के समझाने पर ही बाहर गया।
नगर निगम कार्यकारिणी हॉल में दोपहर में बजट के प्रस्तावों पर चर्चा चल रही थी। पार्षदों ने बताया कि तभी महापौर का रिश्तेदार अंदर घुस आया। उसने चिल्लाकर कहा कि जब एक एई के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते हो तो कार्यकारिणी क्यों कर रहे हो। बैठक के दौरान रिश्तेदार तीन बार अंदर आया और उसने हर बार एई के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर सवाल उठाए। उसके तेवर देखकर बैठक में मौजूद पार्षद अचंभित रह गए। अधिकारी भी इस दौैरान खामोश ही रहे।
इसके बाद एक वरिष्ठ पार्षद के हस्तक्षेप पर उसे बाहर भेजा जा सका। इस घटनाक्रम की खासी चर्चा रही। बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह का कहना है कि कार्यकारिणी की बैठक में व्यवधान पैदा कर अधिकारियों पर एक बाहरी व्यक्ति ने दबाव बनाया, वह निंदनीय है। बसपा के सभी पार्षद इस कृत्य की भर्त्सना करते हैं। भविष्य में इस तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बैठक में नेता सदन और मीडिया को भी प्रवेश की इजाजत नहीं होती है। पार्षद बंटी माहौर ने भी इस घटनाक्रम को स्वस्थ परंपरा के विरुद्ध बताया। नगर निगम कार्यकारिणी में हुई घटना के संबंध में महापौर से संपर्क किया गया लेकिन नहीं हो सका।