आल इंडिया मेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेयर नवीन जैन ने ताजमहल पर 5000 टिकटों की सीमा हटाने की मांग प्रधानमंत्री और केंद्रीय संस्कृति मंत्री से की है। मेयर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पर्यटन उद्योग पर पड़ रहे बुरे प्रभाव और पर्यटकों को हो रहे बुरे अनुभवों की जानकारी दी। मेयर के मुताबिक जब मॉल, ट्रेन, बस, धर्मस्थल, हवाई यात्रा संचालित हो रहे हैं तो ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या सीमित रखने का प्रतिबंध हटाया जाना चाहिए।
मेयर ने प्रेसवार्ता में कहा कि ताजमहल पर बीते सालों में दिवाली पर दो लाख लोग उमड़ते थे, लेकिन इस बार टिकट संख्या तय करने से महज 15 हजार पर्यटक आए। ऐसे में इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, इंपोरियम, गाइड, फोटोग्राफर, ई-रिक्शा चालक, टूर ऑपरेटर, हॉकर, टैक्सी चालकों पर पड़ रहा है। करीब 3.50 लाख लोगों की रोजीरोटी ताज से जुड़ी है।
टिकट संख्या तय करने के बाद से उसकी ब्लैक में बिक्री हो रही है, जिससे पर्यटकों को 50 रुपये का टिकट 200 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण बढ़ने के खतरे के मद्देनजर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए व्यवस्थाएं की जाएं, ताकि टूरिस्ट सीजन में पर्यटक ताज देखे बिना न लौटें। पर्यटक आगरा आएं तो टिकट के अभाव में वापस न लौटें।
दो बजे खत्म हो गए ताजमहल के टिकट
बुधवार को ताजमहल पर फिर सैलानियों को मायूस लौटना पड़ा। दोपहर दो बजे ही ताज के ऑन लाइन टिकट बुक हो चुके थे। बुधवार को 4432 सैलानियों ने प्रवेश किया। इनमें से 4419 भारतीय और 13 विदेशी पर्यटक थे। दोपहर दो बजे के बाद आए सैलानियों को टिकट नहीं मिल पाया। ताज के अलावा किसी भी स्मारक पर कैपिंग के नजदीक भी पर्यटकों की संख्या नहीं पहुंची। आगरा किला में केवल 1555, फतेहपुर सीकरी में 632, अकबर का मकबरा में 447, महताब बाग में 263, एत्माद्दौला में 195, रामबाग में 63 और मरियम टूम में 35 पर्यटक पहुंचे।