Akash Anand News: बसपा का कभी गढ़ माने जाने वाले आगरा में आकाश आनंद पर लिए गए फैसले से पुराने चेहरे हैरान हैं। हालांकि आकाश के जाने से पहले ही बसपा जमीन पर आ गई है।
Mayawati News: बसपा के युवा चेहरे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा हुई तो बहुजन आंदोलन से जुड़े लोगों को कोई हैरत नहीं हुई। कभी बसपा का गढ़ रहे आगरा में आकाश के जाने से पहले ही बसपा जमीन पर आ गई। पार्टी के पुराने चेहरों में से एक भी अब बसपा का हिस्सा नहीं है। छह विधायकों, तीन एमएलसी और सांसद बसपा में थे, लेकिन अब कोई जनप्रतिनिधि पार्टी का हिस्सा नहीं है।
विज्ञापन
बसपा संस्थापक कांशीराम ने कोटली बगीची, देवरी रोड, ग्वालियर रोड और छावनी क्षेत्र के साथ आगरा में साइकिल चलाकर घर-घर बसपा को पहुंचाया। पार्टी ने एक नहीं, बल्कि दो विधानसभा चुनाव में 9 में से 6 विधानसभा सीटें जीती, लेकिन साल 2014 से पार्टी नेताओं के निष्कासन शुरू हो गए। पूर्व विधायक, सांसद पार्टी छोड़ते गए, वहीं संगठन से जुड़े बड़े चेहरों ने भी बसपा छोड़कर दूसरे दलों का दामन थाम लिया। बसपा जिलाध्यक्ष विमल वर्मा का कहना है कि पार्टी में केवल बहनजी ही एकमात्र चेहरा हैं। आकाश आनंद पार्टी का चेहरा नहीं रहे। बसपा ने उन्हें आगे बढ़ाया, लेकिन लोग केवल बहनजी के चेहरे पर ही वोट देते हैं।
यह छोड़ चुके बसपा का दामन
संगठन में सुनील कुमार चित्तौड़, धर्मप्रकाश भारतीय, गोरेलाल, जनप्रतिनिधियों में डॉ. धर्मपाल सिंह, भगवान सिंह कुशवाह, कालीचरण सुमन, छोटेलाल वर्मा, गुटियारी लाल दुबेश, पूर्व मंत्री स्व. रामवीर उपाध्याय, चुनाव लड़ चुके कुंवर चंद वकील, उमेश सैंथियां, शब्बीर अब्बास, रवि भारद्वाज के साथ बसपा के चार जिलाध्यक्षों को निष्कासित किया जा चुका है। बसपा का दामन छोड़ने के बाद 100 से ज्यादा नेताओं ने आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया।