आगरा को दलितों की राजधानी कहा जाता है। यहां बसपा सुप्रीमो का एक दौर वो था, जब ऐसा प्रभाव रहता था कि को दो नहीं, बल्कि विधानसभा में 6 से सात सीटों पर कब्जा रहता था। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा का हाल चौंकाने वाला रहा।
जिस फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर बसपा ने पहला सांसद बनाया, उस लोकसभा में बसपा का जनाधार 33 बूथ पर शून्य हो गया। लोकसभा चुनाव में 10 साल में फतेहपुर सीकरी में पहले से तीसरे नंबर पर आई बसपा के प्रत्याशी रामनिवास शर्मा को 498 बूथ पर केवल एक अंक में ही वोट मिल पाया। इनमें ज्यादातर बूथों पर केवल एकमात्र पोलिंग एजेंट ने ही पार्टी प्रत्याशी को वोट दिया।
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हर चुनाव में फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर पहले या दूसरे नंबर पर रही बसपा इस बार तीसरे स्थान पर पहुंच गई। बसपा प्रत्याशी रामनिवास शर्मा को सीकरी लोकसभा के फतेहाबाद विधानसभा में 12 मतदेय स्थल ऐसे रहे, जहां शून्य वोट रहा। यहां पोलिंग एजेंट तक ने बसपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया, वहीं फतेहाबाद के 132 बूथ पर रामनिवास शर्मा के हाथी को सिर्फ एक अंक में ही वोट मिल पाया। इनमें भी 25 बूथ पर केवल एक वोट मिला तो 29 बूथ पर सिर्फ दो वोट से ही बसपा प्रत्याशी को संतोष करना पड़ा। जिन गांवों में बसपा को शून्य मिला, उनमें प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राजकुमार चाहर और कांग्रेस सपा गठबंधन के रामनाथ सिकरवार को बंपर मतदान हुआ। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों को 556 वोट तक मिले, पर बसपा का खाता तक नहीं खुला।
जहां रहे विधायक, वहां शून्य पर बसपा
फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़, आगरा ग्रामीण और फतेहपुर सीकरी में साल 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा के विधायक चुने जा चुके हैं, लेकिन इस बार बसपा ने इन सभी जगह बेहद खराब प्रदर्शन किया। आगरा ग्रामीण में बसपा प्रत्याशी रामनिवास शर्मा को तीन बूथों पर एक भी वोट नहीं मिला। यहां 88 बूथ ऐसे रहे, जहां सिर्फ एक अंक में वोट मिला, जबकि यह विधानसभा सीट बसपा का गढ़ रही है। फतेहपुर सीकरी विधानसभा में 4 बूथ बंजारा, मदनपुर, वानपुर और गहर्राकलां में रामनिवास एक वोट भी नहीं पा सके। सीकरी में 62 बूथ पर बसपा को सिर्फ एक वोट मिल पाया।
बाह-खेरागढ़ में बसपा का वोट कांग्रेस को
बाह और खेरागढ़ विधानसभा में बसपा प्रत्याशी का बेस वोट कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार को मिला। आरक्षण और अग्निवीर मुद्दे पर कांग्रेस प्रत्याशी को बसपा के अभेद किले माने जाने वाले क्षेत्रों में भी बंपर वोट मिले। बाह में कोरथ, सरोखीपुरा, रुदमुली, सुंसार, कलियानपुर माफी, पुरा बरुआ और कुकथरी के 7 बूथ पर शून्य मिला, जबकि 146 बूथ पर एक अंक में ही वोट मिल पाया। खेरागढ़ में भी 7 बूथ पर बसपा को शून्य मिला। इनमें वलूसर्रा, खेड़िया, वलसादपुरा, शेरपुर, वृथला, नगला उदैया और तुर्कपुरा के बूथ पर बसपा के पोलिंग एजेंट के वोट भी नहीं मिले। यहां 100 बूथ पर पार्टी प्रत्याशी को सिर्फ एक अंक में वोट मिल पाया।
बाह में 20 फीसदी रह गए बसपा के वोट
दो साल पहले विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को बाह में 50,618 वोट मिले, लेकिन इस बार केवल 11851 वोट ही पा सके। वोटों में सबसे ज्यादा गिरावट बाह में आई। यहां बसपा का कोर वोट बैंक कांग्रेस सपा गठबंधन प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार को मिला। जिन गांवों में बसपा को 400 से 500 वोट मिलते थे, वहां बसपा प्रत्याशी को दो अंकों में ही वोट मिल पाए। फतेहाबाद में भी विधानसभा चुनाव के मुकाबले बसपा को महज एक तिहाई वोट ही मिल पाए।