मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच के लिए भेजे गए खाद्य पदार्थ के कई नमूने फेल हो गए। राज्य प्रयोगशाला में जांच के बाद रिपोर्ट आने पर इसकी जानकारी हुई। जांच में कई नमूने जहां अधोमानक पाए गए तो वहीं छुआरे का नमूना हानिकारक पाया गया। रिपोर्ट आने के बाद विभाग कार्रवाई में जुट गया है।
अक्तूबर में अभियान चलाकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिठाइयों और मेवा के नमूने लिए थे। ये सभी नमूने जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि मुकेश पचौरी निवासी करहल रोड की दुकान से लिया गया मावा का नमूना, कुल्दीप गुप्ता निवासी भोगांव से लिया गया सोनपापड़ी का नमूना, शिवनरेश गुप्ता बेवर से लिया गया लाल मिर्च पाउडर और बेसन का नमूना, विशाल कुमार निवासी करहल से लिया गया सरसों के तेल का नमूना और अजय कुमार निवासी कुरावली से लिया गया छुआरे का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया। वहीं अनिल कुमार निवासी कुरावली से लिया गया छुआरे का नमूना जांच में हानिकारक निकला।
जांच रिपोर्ट के अनुसार बेसन में मटर का आटा, लाल मिर्च पाउडर में लाल रंग, सोनपापड़ी में पीला रंग, सरसों के तेल में पीला रंग मिला था तो वहीं मावा में घी की मात्रा मानक से कम मिली।
वहीं जो छुआरे का नमूना हानिकारक मिला उसमें कीड़े पाए गए।
जल्द होंगे मुकदमे
जो नमूने जांच में अधोमानक पाए गए हैं, उनके खिलाफ अपर जिलाधिकारी न्यायालय मे मुकदमा दायर किया जाएगा। यहां सुनवाई के बाद उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं जो नमूना हानिकारक पाया गया है, उसमें विक्रेता के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलेगा। इसमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। अब तक मुकेश पचौरी के खिलाफ मुकदमा दायर किया जा चुका है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने भरे दूध के नमूने
रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बिछवां थाना क्षेत्र में चेकिंग की। उन्होंने खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। वहीं रामप्रकाश निवासी करीमगंज और राहुल निवासी शाह आलमपुर से मिश्रित दूध का नमूना लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा है। दोनों ही दूध विक्रेताओं को उन्होंने लाइसेंस बनवाने की चेतावनी भी दी।
नियमित निरीक्षण कर जांच के लिए नमूने भेजे जा रहे हैं। वहीं जो नमूने जांच में फेल हो रहे हैं, ऐसे मामलों में विक्रेताओं के खिलाफ अपर जिलाधिकारी न्यायालय और सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जा रहा है।
रामसुंदर प्रसाद, अभिहित अधिकारी।