किशोरावस्था में ग्रीस की पहलवान को चित्त कर कांस्य पदक जीतने वाली फैंचरी की नीलम चौधरी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तमन्ना रखती है। पदक हासिल कर इंडिया का नाम रोशन करने के लिए वह लालायित भी दिख रही है।
वर्तमान में फुफेरी बहन के साथ फ्रांस के कोच से बंगलूरू में रेसलिंग के दांव-पेच सीख रही नीलम देश की युवतियों को आत्मरक्षा के लिए रेसलर बनने की वकालत करती हैं।
वृंदावन के गांव फैंचरी की पगडंडियों पर खेलकूद कर बड़ी हुई नीलम 11 साल की उम्र में अपने फूफा जर्नादन पहलवान से कुश्ती के गुर सीखने लगी। इसके बाद नीलम ने जीतोड़ मेहनत करके अपने को कुश्ती के लिए मजबूत किया।